ताजमहल से आरबीएस कॉलेज तक मेट्रो के सात भूमिगत स्टेशन के लिए आठ किमी लंबी सुरंग की खोदाई चार टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) से होगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने सुरंग खोदाई व स्टेशन निर्माण के लिए 1820 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके बाद शनिवार को कार्यदायी संस्था एफकॉन व सेम इंडिया की टीम ने आगरा में डेरा डाल लिया है।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट में सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक 14 किमी और कालिंदी विहार से कैंट रेलवे स्टेशन तक 15 किमी कुल 29 किमी. लंबे दो कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। पहले चरण में सिकंदरा से ताजपूर्वी गेट तक पहले कॉरिडोर में छह स्टेशन का प्राथमिकता कॉरिडोर निर्माणधीन है।
इसमें तीन एलिवेटिड व तीन भूमिगत स्टेशन बनेंगे। 273 करोड़ रुपये से फतेहाबाद पर ताजपूर्वी गेट, बसई और फतेहाबाद रोड मेट्रो स्टेशन बन रहे हैं। ताजमहल, आगरा किला और जामा मस्जिद भूमिगत मेट्रो स्टेशन सहित सात स्टेशन के लिए 1820 करोड़ रुपये का टेंडर एफकॉन व सेम इंडिया को मिला है।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय ने बताया कि टनल के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हो गए हैं। अप्रैल में काम शुरू हो जाएगा। कंपनी की टीम ने प्रस्तावित स्थल का सर्वे कर लिया है। उन्होंने बताया कि सात स्टेशन में सबसे पहले ताजमहल, आगरा किला व जामा मस्जिद तीन स्टेशन पर काम होगा। चार टीबीएम मशीनों से सुरंग खोदी जाएंगी। इधर, आगरा मेट्रो में फिलहाल 112 करोड़ की लागत से डिपो बन रही है। 273 करोड़ रुपये से एनिवेटिड सेक्शन तैयार हो रहा है।