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आगरा मेट्रो: 101 डबल टी गर्डर की कास्टिंग पूरी, पीएसी परिसर में बनी दो किमी लंबी दीवार

Sat, 06 Nov 2021 01:40 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा

सार

देश में पहली बार उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कानपुर मेट्रो में कॉन्कोर्स निर्माण के लिए डबल टी गर्डर का प्रयोग किया। इसके बाद आगरा मेट्रो में भी कॉन्कोर्स निर्माण के लिए डबल टी गर्डर का प्रयोग किया जा रहा है।
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आगरा मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा मेट्रो रेल के बमरौली कटारा स्थित कास्टिंग यार्ड में 101 डबल टी गर्डर की कास्टिंग पूरी हो गई है। पीएसी परिसर में बन रहे आगरा मेट्रो के प्रथम डिपो में दो किलोमीटर की दीवार बनकर तैयार हो गई है। 

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यूपी मेट्रो के प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने बताया कि 25 मई को डबल टी गर्डर की कास्टिंग का काम शुरू किया था। 164 दिनों में 101 डबल टी गर्डर बनकर तैयार हो गए हैं। अब तक 81 डबल टी गर्डर का सफलतापूर्वक लग चुके हैं। प्राथमिकता कॉरिडोर के लिए कुल 144 डबल टी गर्डर का निर्माण किया जाना है। पीएसी परिसर में आगरा मेट्रो के प्रथम डिपो परिसर में अब तक 2 किमी से अधिक चहारदीवारी का निर्माण किया जा चुका है। 

देश में पहली बार यूपी मेट्रो ने किया प्रयोग
देश में पहली बार उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कानपुर मेट्रो में कॉन्कोर्स निर्माण के लिए डबल टी गर्डर का प्रयोग किया। इसके बाद आगरा मेट्रो में भी कॉन्कोर्स निर्माण के लिए डबल टी गर्डर का प्रयोग किया जा रहा है। आगरा मेट्रो में प्रयोग होने वाले डबल टी गर्डर की चौड़ाई 3.7 मीटर व लंबाई 11 मीटर है, जबकि इसका वजन लगभग 33 टन है।

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पारंपरिक प्रणाली की तुलना में बेहतर है डबल टी गर्डर 
ऐलिवेटिड स्टेशनों के निर्माण में साइट पर ही शटरिंग लगाकर कॉन्क्रीट से कॉन्कोर्स का निर्माण किया जाता था, जिसमें समय व लागत दोनों अधिक लगती थी और निर्माण स्थल के आसपास यातायात प्रबंधन भी एक बड़ी चुनौती थी। डबल टी गर्डर के प्रयोग से ऐसी कोई परेशानी नहीं होती। 

डबल टी गर्डर को कास्टिंग यार्ड में तैयार करके सीधे साइट रख दिया जाता है। ताज ईस्ट गेट से जामा मस्जिद के बीच बन रहे प्राथमिकता कॉरिडोर के ऐलिवेटिड भाग में कुल 682 पाइल, 171 पाइलकैप  व  171 पीयर (पिलर) का निर्माण किया जाना है। इसमें से अब तक 647 पाइल, 133 पाइल कैप एवं 120 पीयर (पिलर) का निर्माण किया जा चुका है। 
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