महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाहा और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल
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पिछले कई दिन से चल रहे शीतयुद्ध के बीच बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह की मध्यस्थता में महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल की मंडलायुक्त कार्यालय में मुलाकात हुई। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान दोनों को ही समन्वय के साथ शहर के विकास के लिए काम करने का शासन से मिला कड़ा संदेश पहुंचाया गया। संदेश मिलने के बाद दोनों ही पक्षों ने चुप्पी साध ली है।
अमर उजाला में घोटाला... 53 लाख से बननी थी सड़क, खर्च किए एक करोड़ शीर्षक से प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए महापौर ने नगर आयुक्त से जांच के लिए निर्देश दिए। आदेश की नाफरमानी पर महापौर ने खुद ही जांच कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने थर्ड पार्टी से जांच की सिफारिश कर दी। इस बीच नगर निगम प्रशासन ने भी कुछ पुराने निर्माण कार्यों की फाइलें तलब कर गुणवत्ता की जांच शुरू करा दी। सूत्रों के अनुसार ये सभी फाइलें महापौर के प्रति झुकाव रखने वाले ठेकेदारों की थीं। वहीं, चार दिन पहले महापौर को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वाले होर्डिंग पर कार्रवाई की बात सामने आई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा दौरे से एक दिन पहले एक निजी कार्यक्रम के दौरान महापौर के भतीजे हर्ष दिवाकर और सहायक नगर आयुक्त अशोक प्रिय गौतम के बीच विवाद हो गया। कहा गया कि हर्ष ने अशोक प्रिय से हाथापाई की है।सहायक नगर आयुक्त की ओर से पुलिस को एक तहरीर भी दे दी गई। समीक्षा बैठक के बाद महापौर ने सीएम से निगम में चल रही गतिविधियों की शिकायत की थी।
इस बीच मामले ने तूल पकड़ा और कर्मचारी संगठनों ने तालाबंदी से लेकर हड़ताल तक पर जाने की धमकी दे दी। इससे सरकार की किरकिरी होने लगी तो शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त हरकत में आए। बुधवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने के बहाने वह महापौर से मुलाकात करने पहुंचे। इसके बाद बृहस्पतिवार को मंडलायुक्त कार्यालय में महापौर व नगर आयुक्त की मुलाकात हुई। दोनों ने अपनी-अपनी बातें रखीं। इसके बाद समन्वय के साथ काम करने और जल्द बैठकर शहर के विकास की नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ। बैठक के बाद अब दोनों पक्षों ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।