मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की कतार
- फोटो : अमर उजाला
ताजनगरी ने मतदान का 39 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। आगरा लोकसभा क्षेत्र में 2014 से .61 फीसदा ज्यादा, जबकि फतेहपुर सीकरी में .08 फीसदी कम वोट पड़े हैं। आगरा में सबसे ज्यादा वोट जलेसल विधानसभा क्षेत्र में पड़े, जबकि सीकरी लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोट का प्रतिशत फतेहाबाद में रहा।
सुबह 7 से शाम 6 बजे तक चली मतदान प्रक्रिया के दौरान आगरा सीट पर 59.60 फीसदी और फतेहपुर सीकरी पर 61.16 फीसदी मतदान हुआ। मतदान बढ़ने दो वजह रहीं। एक तो वोटरों में जागरुकता बढ़ी। दूसरा, बुधवार को हुई बारिश से पारा नीचे आ गया। खुशगवार मौसम में लोकतंत्र का त्योहार मनाया गया।
दोनों लोकसभा क्षेत्रों में देखें तो सबसे अधिक मतदान जलेसर विधानसभा क्षेत्र में मतदान हुआ। जिले में सबसे ज्यादा वोट फतेहाबाद में पड़े। मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी बूथों पर सुबह 6 बजे से मॉक पोल हुआ।
मतदाताओं में दिखा उत्साह
मतदान केंद्र के बाहर मतदाताओं की कतार
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सुबह मौसम सुहाना होने के कारण मतदाता तो घर से निकले लेकिन तमाम बूथों पर ईवीएम दगा दे गईं। इसके चलते कहीं आधा घंटा तो कहीं पौन घंटा मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई। इसको लेकर मतदाताओं ने विरोध किया। कई बूथों पर ईवीएम बदलनी पड़ी। सुबह धीमी रफ्तार के बाद शाम होते-होते मतदान प्रतिशत काफी बढ़ गया।
युवाओं में खासा उत्साह नजर आया। महिलाएं भी पीछे नहीं रही। बुजुर्गों और दिव्यांगों का हौसला अन्य मतदाताओं में जोश भरता रहा। इसका असर यह हुआ कि शहर हो या देहात हर पोलिंग बूथ पर लंबी-लंबी कतारें नजर आईं।
आगरा संसदीय क्षेत्र में नौ और सीकरी में 15 उम्मीदवारों के लिए वोट डाले गए। आगरा लोकसभा क्षेत्र के एत्मादपुर में 472 बूथ बनाए गए। छावनी में 480, दक्षिण में 421, उत्तर में 438, ग्रामीण में 461, सीकरी लोकसभा क्षेत्र के सीकरी में 404 व खेरागढ़ में 369, फतेहाबाद में 361 और बाह में 372 बूथ थे।
ईवीएम में कैद 24 प्रत्याशियों का भाग्य
आगरा लोकसभा सीट के नौ, फतेहपुर सीकरी के 15 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। मतगणना 23 मई को होगी। तब तक ईवीएम को मंडी समिति में कड़ी सुरक्षा रखा गया है। सुरक्षा में अर्धसैनिक बल के साथ पुलिस तैनात है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी है। अधिकारी भी लगातार निगरानी करेंगे।
मंगोली में मतदान का बहिष्कार
अछनेरा के मगोली में मतदान का बहिष्कार किया गया। बूथ पर दोपहर एक बजे तक यहां एक भी वोटर नहीं पहुंचा था। उनका कहना था कि गांव में विकास कार्य नहीं हुए हैं, पेयजल की समस्या है, इसलिए वोट नहीं डाल रहे। सूचना अधिकारियों तक पहुंच गई है। उम्मीद है कि थोड़ी देर में ये लोग वोट डालने के लिए राजी हो जाएंगे।
जीवित को मृत बताया, धरने पर अधिवक्ता
वोटर लिस्ट में कुछ गड़बड़ी भी सामने आई। मऊ रोड स्थित बूथ पर वोट डालने के लिए पहुंचे अधिवक्ता चौधरी अजय सिंह का नाम वोटर लिस्ट में नहीं था। उन्हें बताया गया कि मृत दर्शाकर नाम काट दिया गया। इस पर अधिवक्ता साथियों सहित वहीं पर धरने पर बैठ गए।