आगरा में राजस्व के मोह में आबकारी नियमों की बलि चढ़ा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फर्जी अनुबंध से शराब की कंपोजिट दुकान का आवंटन कर दिया गया। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद भी आबकारी अधिकारी, निरीक्षक और ठेकेदार ने अनुबंध निरस्त नहीं किया। बल्कि, फर्जी अनुबंध की जांच को पचा गए।
ईदगाह बस स्टैंड के सामने फर्जी पते के अनुबंध से शराब की कंपोजिट दुकान आवंटित होने की शिकायत संपत्ति स्वामी पदम चंद्र ने दर्ज कराई है। आरोप है कि उसकी संपत्ति संख्या 55/205 है। उस पते पर म.न. 108 दर्ज कर कूटरचित दस्तावेज बनाए गए। संपत्ति संख्या 55/205 की जगह 108 डालकर आबकारी अधिकारी और निरीक्षक ने कंपोजिट दुकान का आवंटन कर दिया।
पीड़ित ने इस संबंध में डीएम मनीष बंसल से शिकायत की है। कूूटरचित दस्तावेज बनवाने में आबकारी अधिकारी, निरीक्षक और ठेकेदार की भूमिका संदिग्ध बताते हुए एफआईआर दर्ज कराने की गुहार भी लगाई है। कंपोजिट दुकान अंग्रेजी शराब एवं बीयर का लाइसेंस निरस्त कराने की मांग की है। वहीं, इस संबंध में आबकारी अधिकारी केपी सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में अनुबंध फर्जी मिलने पर आवंटन निरस्त किया जाएगा।