आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का फीता भले ही कट गया हो, लेकिन शहरवासियों के लिए लखनऊ अभी दूर ही है। अधूरा होने की वजह से लोगों के आवागमन के लिए यह एक्सप्रेसवे अभी नहीं खुला है। न सिर्फ यमुना पर पुल, बल्कि एक्सप्रेसवे पर चढ़ने और उतरने वाले संपर्क मार्ग भी अभी अधूरे हैं। ऐसे में फिलहाल लोगों को इस पर चलने के लिए अभी और इंतजार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को अधूरे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का शुभारंभ किया। कई जगहों पर इसका काम लटका हुआ है। यह आगरा में फतेहाबाद रोड की तरफ से इनररिंग रोड से शुरू होगा। नोएडा की तरफ से लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए तो लूप बन गया है, लेकिन लखनऊ की तरफ से नोएडा जाने के लिए लूप अभी अधूरा है। ऐसे ही, आगरा की तरफ से लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फिलहाल नहीं चढ़ा जा सकता। इसके अलावा आगरा-फीरोजाबाद के बीच सड़क निर्माण तो लगभग पूरा हो गया है, लेकिन कई जगह साइड में स्लोप बनाने के लिए पत्थर नहीं लगे हैं। आगरा सेक्शन में यमुना पर अभी आठ लेन के पुल में चार लेन पुल का निर्माण कार्य शेष है। इसका कार्य जारी है। दूसरे का एक पुल का निर्माण कार्य जारी है।
यूपीडा के अधिकारी केसी जैन के अनुसार, दिसंबर तक आगरा सेक्शन का कार्य शत-प्रतिशत पूरा हो जाएगा। इस पर ट्रैफिक को हरी झंडी दी जा सकती है।
इनसेट
सुरक्षा गुणवत्ता का होगा परीक्षण
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे का कार्य पूरा होने के बाद भी फिलहाल इस पर ट्रैफिक को हरी झंडी मिल पाना मुश्किल है। अभी तक इसका सुरक्षा परीक्षण नहीं हुआ है। इसके तहत होने वाले कार्य भी अभी तक कई स्थानों पर शुरू नहीं हुए हैं। इसमें लाइनिंग, बैरियर और प्रकाश व्यवस्था मुख्य कार्य हैं। सुरक्षा परीक्षण रिपोर्ट मिलने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
घट जाएगा समय
आगरा से लखनऊ तक पहुंचने में फिलहाल छह घंटे से अधिक का समय लगता है। मगर, इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से महज साढ़े तीन घंटे ही लगेंगे। साथ ही लखनऊ से दिल्ली (बाया यमुना एक्सप्रेसवे) छह घंटे में पहुंचा जा सकेगा।