ग्वालियर हाईवे के सैंया स्थित कटी चौकी पुल के नीचे से शुक्रवार शाम साढ़े सराफ का अपहरण कर लिया गया। उन्होंने अपहरण की जानकारी खुद अपने भाई को फोन करके दी। इस पर ग्रामीण पहुंच गए। पुल के पास उनकी बाइक, बैग और जूते पड़े मिले।
आगरा के सैंया से सराफ छदामी लाल वर्मा के अपहरण की सूचना पर पुलिस की छह टीमें लगा दी गई हैं। भाई से बातचीत के दो मिनट में ही सराफ का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया था। भाई से केवल 51 सेकंड बात हो पाई थी। बीच में एक बार फोन ऑन होने पर लोकेशन राजस्थान की ओर जाने की मिल रही है। टीमों को रवाना किया गया है। फिलहाल पुलिस भी यह मानकर चल रही है कि सराफ का अपहरण हुआ है।
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थान सिंह ने पुलिस को बताया कि भाई छदामी का काल आया तो वो घबराए हुए थे। उन्होंने यही कहा था कि बदमाशों ने घेर लिया है। उन्हें खेतों की तरफ ले जा रहे हैं। केवल 51 सेकंड ही बात हो पाई थी। जब परिजन कटी पुल के पास पहुंचे तो बाइक, बैग और एक जूता पड़ा मिला। दूसरा जूता कुछ दूरी पर खेतों में पड़ा था। इससे उनके अपहरण की शंका होते ही परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। अब परिजन सराफ के जीवन को लेकर काफी चिंतित हैं।
तलाश के लिए लगाई गईं 6 टीमें
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सराफ का मोबाइल दो मिनट बाद ही बंद हो गया था। उनकी आखिरी लोकेशन पता की जा रही है। सकुशल बरामदगी के लिए छह टीमों को लगाया गया है। इनमें एसओजी, अपराध खुफिया शाखा, सर्विलांस के अलावा थाने की टीमें हैं। सभी अलग-अलग काम कर रही हैं।
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एक साल पहले बदन सिंह गैंग ने सर्जन को किया था अगवा
एक साल पहले थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के एक सर्जन को हनी ट्रैप में फंसाकर अपहरण कर लिया गया था। राजस्थान के धौलपुर की सीमा से लगे बदमाश बदन सिंह का नाम सामने आया था। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने जुलाई 2021 में बदमाश और उसके साथी को मुठभेड़ में मार गिराया था। सैंया से धौलपुर की सीमा लगी है। अक्सर बदमाश धौलपुर आते हैं। अपहरण कर ले जाते हैं। मगर, इस समय पुलिस को किसी गैंग के सक्रिय होने की जानकारी नहीं है। पुलिस यह पता कर रही है कि कटी पुल के आसपास कोई मौजूद था या नहीं? किसी ने कुछ देखा होगा तो पुलिस को बताएगा। इससे पुलिस को सुराग मिल सकता है।