कमला नगर थाना में दर्ज हुए थे दो मुकदमे
इस मामले में थाना कमला नगर में दो मुकदमे दर्ज कराए गए थे। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक ने एक मुकदमे में 15 लोगों को नामजद किया था। इनमें अमन गुप्ता, किशन कुमार अग्रवाल, सूर्यकांत गुप्ता, सरदार हरप्रीत सिंह, चंद्रकांत गुप्ता उर्फ पंकज गुप्ता, अमित मित्तल, रीता, आकांक्षा गुप्ता, श्रुति, संजीव कुमार गुप्ता, नरेंद्र कुमार उर्फ नंदू, अनिल द्वारिका, प्रीतम, अनिल और धीरज थे।
वहीं दूसरे मुकदमे में आठ को नामजद किया था। इनमें संजीव कुमार गुप्ता, नरेंद्र कुमार उर्फ नंदु, धीरज रघुवानी, मन्नत करीरा, अनिल करीरा, चंद्रकांत गुप्ता उर्फ पंकज गुप्ता, हरप्रीत सिंह और प्रीतम आरोपी थे। थाना कमला नगर के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र शर्मा ने बताया कि केस में अनिल करीरा, प्रीतम और हरप्रीत की पुलिस तलाश कर रही थी। प्रीतम का पता नहीं मिला है, जबकि अनिल करीरा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी हरप्रीत तिहाड़ जेल में बंद हैं। उसके खिलाफ दिल्ली के करौल बाग थाना में दवाओं की सप्लाई के मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था।
इन पर भी हो चुकी है कार्रवाई
- 26 जुलाई 2020 को पंजाब पुलिस ने आगरा गैंग के सरगना कमला नगर निवासी जितेंद्र उर्फ विक्की अरोड़ा और उसके भाई कपिल अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। खातीपाड़ा निवासी हरीश भाटिया को बरनाल से गिरफ्तार किया गया था। नशे की दवाओं की तस्करी करने वाले इस गैंग का नेटवर्क 11 राज्यों में फैला हुआ है। विक्की और कपिल के गोदाम से लाखों रुपये की दवाएं बरामद की गई थीं। दोनों को दवा माफिया घोषित किया गया था।
- नौ फरवरी को औषधि विभाग ने सिकंदरा के आवास विकास कॅालोनी के सेक्टर आठ निवासी सुधीर राजौरा और उसके भाई प्रदीप राजौरा को गिरफ्तार किया था। इसी दिन मथुरा निवासी सौरभ को गिरफ्तार किया गया। आरोपी एक्सपायर दवाओं को दोबारा से पैक करके बेच रहे थे। इस मामले में थाना सिकंदरा में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने तीनों को जेल भेजा था। दवाओं के सैंपल लेकर फोरेंसिक लैब भेजे गए थे।
आगरा: नौ राज्यों में तस्करी करने वाले जयपुरिया गैंग का सरगना गिरफ्तार, नशे की दवाओं की खेप मिली