सुप्रीम कोर्ट पीठ के सकारात्मक रुख से ताजनगरी में सिविल एन्क्लेव को लेकर उम्मीद जगती दिख रही है। सुनवाई के दौरान दिल्ली पहुंचे शहर के पर्यावरणविदों भी पीठ के सकारात्मक रुख से उम्मीदों से भरे नजर आए। अब अगली सुनवाई पर उनकी नजर है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में टीटीजेड से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इसमें सिविल एन्क्लेव प्रमुख रहा। सुनवाई के दौरान शहर के पर्यावरणविद इंजीनियर उमेश शर्मा, केशो मेहरा, राकेश गर्ग, केसी जैन भी दिल्ली पहुंचे थे। सुनवाई के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सकारात्मक रुख की प्रशंसा की। साथ ही उम्मीद जताई कि जल्द ही शहर में सिविल एन्क्लेव निर्माण का रास्ता खुल सकता है।
जमीन अधिग्रहण का काम लगभग पूरा
खेरिया हवाई अड्डे को ही विस्तार रूप देकर सिविल एन्क्लेव विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सदर तहसील अंतर्गत धनौली, बल्हैरा और अभयपुरा में जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। अधिकांश जमीन अधिग्रहण हो चुकी है।
योजना के लिए लगभग 20 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। कुछ अड़चनें हैं, उन्हें भी दूर करने के लिए नायब तहसीलदार, कानूनगो और क्षेत्रीय लेखपाल की टीम गठित कर दी गई है। इतना ही नहीं, सिविल एन्क्लेव निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
बाउंड्री निर्माण का काम भी लगभग पूरा
सिविल एन्क्लेव के लिए चिह्नित की गई जमीन पर बाउंड्री का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग तीन करोड़ रुपये लागत से बाउंड्री कराई जा रही है।
पर्यटन को लगेंगे पंख
ताजनगरी में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की लंबे समय मांग चल रह है। हालांकि ये तो पूरी नहीं हुई लेकिन केंद्र सरकार ने खेरिया हवाई अड्डे को ही विस्तार रूप देकर सिविल एन्क्लेव को हरी झंडी दी।
तो दुनिया से जुड़ जाएगा आगरा
सिविल एन्क्लेव के मूर्त रूप लेने से ताजनगरी सीधे देश-विदेश के कई शहरों से सीधी जुड़ जाएगी। हालांकि वर्तमान भी खेरिया हवाई अड्डे पर हवाई जहाज उतरते हैं लेकिन सुरक्षा कारणों के चलते यहां यात्री हवाई जहाज कम ही आते हैं। सिविल एन्क्लेव के मूर्त रूप लेने से यह दिक्कत दूर होगी।
टीटीजेड (ताज ट्रिपेजियम जोन) के सदस्य इंजीनियर उमेश शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सिविल एन्क्लेव निर्माण को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है। ऐसे में हम उम्मीद कर सकते हैं कि ताजनगरी के खाते में जल्द ही अच्छी खबर आने वाली है।
सदस्य केशो मेहरा ने कहा कि टीटीजेड से जुड़े मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट सकारात्मक है। खासतौर सिविल एन्क्लेव पर जिस तरह से एमसी मेहता से जवाब मांगा है, उससे सकारात्मक परिणाम आने की उम्मीद है।