रुनकता से एत्मादपुर तक नेशनल हाईवे पर गड्ढों, जलभराव, टूटी रेलिंग और डिवाइडरों के कारण हादसों का खतरा बढ़ गया है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जबकि एनएचएआई का कहना है कि गड्ढे भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम शुरू किया जा रहा है।
नेशनल हाईवे पर सफर करना जोखिम भरा हो गया है। बारिश में कई जगह गड्ढे हो गए हैं, जिसमें जलभराव से खतरा बढ़ गया है। कई जगह रेलिंग और डिवाइडर भी टूटे हुए हैं। इससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। जाम के हालात भी हैं। बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधिकारी बेखबर हैं।
रुनकता से एत्मादपुर तक करीब 35 किमी की दूरी है। हाईवे की पड़ताल करने पर रुनकता, सब्जी मंडी सिकंदरा, आईएसबीटी, वाटर वर्क्स, रामबाग, शाहदरा चुंगी, कुबेरपुर, एत्मादपुर में कई गड्ढे हैं। रेलिंग और डिवाइडर भी उखड़े हुए हैं। बारिश से जलभराव भी हो रहा है। नाले भी खुले हुए हैं। इसमें कई बार वाहन भी फंस चुके हैं। तेज बारिश से स्थिति और बदतर हो गई है। इनकी मरम्मत नहीं करने पर हादसों का खतरा बना रहेगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक आगरा के संदीप यादव ने बताया कि टीम गड्ढे भर रही है। नालों की सफाई करा रहे हैं। टूटी रेलिंग-डिवाइडर को ठीक कराया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव बनाया जा रहा है। एनएचएआई मथुरा के घटना प्रबंधक दीपक खटाना ने बताया कि बारिश में हुए गड्ढे भरे जा रहे हैं। जलनिकासी के लिए पंप सेट लगा दिए हैं।
लोगों का ये है कहना
बैठकों में भी उठाए मुद्दे, प्राथमिकता पर हो मरम्मत
मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य डॉ. संजय चतुर्वेदी का कहना है कि बैठकों में हाईवे की दिक्कतों को उठाया है। जलनिकासी, डिवाइडर-रेलिंग की मरम्मत और गड्ढे भरने का कार्य प्राथमिकता पर होना चाहिए।
बारिश में हादसों का है डर, जलभराव से लगता है जाम
कमला नगर निवासी मुकेश गुप्ता का कहना है कि हाईवे पर गड्ढे व डिवाइडर टूटे हुए हैं। जलभराव भी होता है। तेज बारिश में जाम भी लग जाता है। इनकी मरम्मत कराने के साथ नाले भी ढके जाने चाहिए।