यूपी बोर्ड का रिजल्ट रविवार को जारी होते साल भर कड़ी मेहनत करने वाले होनहार छात्रों के सामने उनकी मेहनत का फल था। रिजल्ट देखकर किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे तो कोई खुशी से उछल पड़ा। आइए उन्हीं से जाने कि उन्होंने परीक्षा में कैसी तैयारी की थी और वो अपनी इस सफलता का श्रेय किसको देते हैं।
विज्ञापन
टारगेट बनाकर तैयारी की
यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में मथुरा की अमीषा शर्मा ने प्रदेश में दसवां स्थान हासिल किया है। इसी के साथ वह जिले में 90.8 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉपर बनी है। अमीषा शर्मा की आंखों में इंजीनियर बनने का सपना पल रहा है। ब्रज नगर निवासी अमीषा ने अमर उजाला को बताया कि उसने इंटरमीडिएट परीक्षा को टारगेट बनाकर तैयारी की थी। इसी का परिणाम है कि उसे प्रदेश की टॉप टेन सूची में स्थान मिला है। वह इसका श्रेय सबको देना चाहती है। उसके पिता शिवकुमार शर्मा, माता सीमा शर्मा और दीदी आयुषी ने प्रोत्साहित किया तो शिक्षिकाओं ने उसे आगे बढ़ने के मंत्र दिए। वह सबकी आभारी है। शेयर कारोबारी अमीषा के पिता शिव कुमार शर्मा ने बताया कि उन्होंने सर्वाधिक ध्यान इस बात पर दिया कि उनकी बेटी को पढ़ाई का अच्छा माहौल मिले।
ट्यूशन पढ़े बिना विपिन ने किया जिला टॉप
बालमुकुंद आदर्श इंटर कालेज, पनवारी के छात्र विपिन सिंह ने बिना ट्यूशन पढ़े इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में टॉप किया है।उन्होंने 90 फीसदी अंक हासिल किए। विपिन का सपना इंजीनियर बनने का है। विपिन सिंह पनवारी के रहने वाले हैं। रोजाना शाम को तीन घंटे और सुबह दो घंटे घर पर ही पढ़ाई करते थे। खुद पर भरोसा होने के नाते उन्होंने ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। उनके पिता जहांगीर और मां राधा देवी बालमुकुंद आदर्श इंटर कालेज में ही शिक्षक हैं। विपिन ने हाईस्कूल की परीक्षा में भी 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। उनका कहना है कि परिश्रम करके ही सफलता हासिल की जा सकती है। विद्यालय में मन से पढ़ाई की जाए और शिक्षकों की बताईं बातों पर अमल किया जाए तो ट्यूशन पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विपिन की सफलता पर उनके चाचा करन सिंह ने खुशी जताई है।
विज्ञापन
12वीं की टाॅपर छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
रटने के बजाय विषय को ठीक से समझें: दीपिका
क्वीन विक्टोरिया गर्ल्स इंटर कालेज की छात्रा दीपिका वर्मा ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 90 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। दीपिका का सपना इंजीनियर बनने का है। इसके लिए वह भरपूर मेहनत भी कर रही हैं। बांस गली, लोहामंडी निवासी दीपिका के पिता सुनील कुमार वर्मा सराफा व्यवसायी हैं। मां रागिनी वर्मा गृहणी हैं। दीपिका वर्मा की एक और बहन दिशा वर्मा है। दीपिका हाईस्कूल की परीक्षा में 92 फीसदी अंक हासिल कर स्कूल में प्रथम रही थीं। वह अपना आदर्श स्वामी विवेकानंद को मानती हैं। वह भी सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करने की पक्षधर नहीं हैं। छात्रों के लिए उनकी सलाह है कि रटने के बजाय विषय को ठीक से समझा जाए। टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए।
आईएएस बनना चाहते हैं कुलदीप लाखेश्वर
शांतिदेवी विद्या मंदिर इंटर कालेज, पुरामना के छात्र कुलदीप लाखेश्वर ने इंटरमीडिएट की परीक्षा में 89.80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उसने हाईस्कूल की परीक्षा में भी 89.80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। अभुआपुरा निवासी थानसिंह के पुत्र कुलदीप आईएएस बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा के दौरान वह रोजाना करीब 16 घंटे पढ़ाई करते थे। पिता थानसिंह लघु सिंचाई विभाग में टेक्नीशियन पद से सेवानिवृत्त हैं। रविवार को रिजल्ट आते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया।
परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले छात्र
- फोटो : अमर उजाला
आईएएस बनना चाहते हैं अमन
हाईस्कूल की परीक्षा में श्री पूरनचंद रमेशचंद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज, खेरागढ़ से अमन कुमार दुबे ने 92.33 फीसदी अंक प्राप्त कर जिले में पहला स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने सभी विषयों में विशेष योग्यता हासिल की है। अमन का सपना आईएएस बनने का है। उससे पहले वह इंजीनियरिंग करना चाहते हैं। अमन कुमार दुबे एक सामान्य परिवार से हैं। पिता मदन दुबे श्री पूरनचंद रमेशचंद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज में ही शिक्षण कार्य करते हैं। मां मधु शर्मा गृहणी हैं। अमन चार भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। वह नियमित रूप से पढ़ाई करते हैं। करीब आठ घंटे पढ़ाई में देते हैं। सामान्य ज्ञान अर्जन में रुचि रखते हैं।
अमनदीप का सपना सीए बनना है
सेंट विंसेंट कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मोतीलाल नेहरू रोड की छात्रा अमनदीप कौर ने हाईस्कूल की परीक्षा में 91.67 फीसदी अंक हासिल कर जिले में द्वितीय स्थान हासिल किया है। उनका सपना सीए बनने का है। अमनदीप ने बताया कि वह नियमित रूप से दो से तीन घंटे पढ़ाई करती हैं। परीक्षा के दौरान में यह समय दोगुना हो जाता है। सोशल मीडिया का वह कम इस्तेमाल करती हैं। इसे पढ़ाई में बाधक मानती हैं। वह गायन में रुचि रखती हैं। वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में वह प्रथम से लेकर तृतीय स्थान प्राप्त कर चुकी हैं। कक्षा नौ में भी अपनी कक्षा की टॉपर थीं। अमनदीप कौर मोतीलाल नेहरू रोड निवासी हैं। पिता देवेंद्र सिंह जनरल स्टोर चलाते हैं। मां दलजीत कौर गृहणी हैं।
देश की सेवा करना चाहते हैं विष्णु राठौर
हाईस्कूल की परीक्षा में 91.67 फीसदी अंक पाकर बाह के आशाराम रामनिवास आदर्श इंटर कालेज के छात्र विष्णु राठौर जिले में दूसरे स्थान पर काबिज हुए हैं। वह आर्मी आफिसर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। वर्ष 1996 में सेना से सेवानिवृत्त उनके पिता देवपाल सिंह राठौर 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ जंग में लडे़ थे। विष्णु चंबल के बीहड़ के गांव खेड़ा राठौर के रहने वाले हें। रोजाना 15 किलोमीटर साइकिल से चलाकर विद्यालय पहुंचते हैं। घर पर रोजाना 8 घंटे पढ़ाई करते थे। प्रधानाचार्य विनोद कुमार दीक्षित और शिक्षकों से भरपूर सहयोग मिला। मां सुमित्रा देवी और पिता देवपाल सिंह ने भी हौसलाअफजाई की। विष्णु ने कहा कि मेहनत का फल हमेशा मीठा होता है। उसे पढ़ाई के अलावा क्रिकेट पसंद है। सचिन तेंदुलकर पसंदीदा खिलाड़ी है।