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भारत बंदः हिंसा के विरोध में खड़े हुए दो संगठन, उपद्रवियों की गिरफ्तारी के लिए दिया अल्टीमेटम

Wed, 04 Apr 2018 05:34 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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मीटिंग में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
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एससी एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में सवर्ण/ओबीसी मोर्चा खड़ा हो गया है। मंगलवार को जयपुर हाउस स्थित स्मृति भवन में आयोजित बैठक में मोर्चा ने प्रशासन को नौ अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया है। 
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चेतावनी दी है कि इस हिंसा के आरोपियों को चिह्नित करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए आरोपियों की संपत्ति जब्त करके पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट के प्रावधानों पर फैसला दिया है तो उसके विरोध का ये कौन सा तरीका है कि निर्दोष लोगों के साथ हिंसा की जाए। आगजनी और लूटपाट की जाए। 
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वक्ताओं ने कहा कि सोमवार को शहर में अराजकता का माहौल था। कलक्ट्रेट परिसर जहां राष्ट्रीय ध्वज फहरता है उस परिसर में पार्टी विशेष का झंडा लगाया गया। धार्मिक चित्रों का अपमान कर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई। 

कहा कि यदि दलित संगठन समाज को बांटने का काम इसी तरह करेंगे तो सवर्ण और ओबीसी मोर्चा भी अपने अधिकारों की लड़ाई के खातिर चुप नहीं बैठेगा। 10 अप्रैल को सवर्ण/ओबीसी मोर्चा की बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। 

प्रशासन ने शहर में धारा 144 लगा रखी है। सवर्ण/ओबीसी मोर्चा की बैठक को प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी। उधर फतेहपुर सीकरी से भाजपा के सांसद चौधरी बाबूलाल के पुत्र ने स्वाभिमान मोर्चा के तहत बैठक का ऐलान कर दिया था। 
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घेराबंदी कर ली

सुबह निर्धारित स्थल अग्रसेन भवन लोहामंडी पर आयोजक पहुंच गए। उससे पहले पुलिस ने वहां घेराबंदी कर ली थी। अधिकारियों ने वहां बैठक की अनुमति नहीं दी। 

इसके बाद सभी लोग सांसद चौधरी बाबूलाल के निवास पर पहुंच गए। जहां एसपी एलआईयू के साथ जाट महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शैलराज सिंह की झड़प हो गई। फिर प्रशासन ने तय समय सीमा के तहत बैठक की अनुमति दी। 
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