आरोपियों ने मांगी थी माफी
तान्या ने बताया कि वीडियो के बाद सीओ छत्ता दीक्षा सिंह और एसीएम द्वितीय मौके पर आए थे। उधर, आरोपियों ने भी आकर माफी मांगी। रास्ता बंद नहीं करने का आश्वासन दिया। तान्या ने सीओ छत्ता के कहने पर दूसरा वीडियो बनाकर भेज दिया। इसमें वो पुलिस कार्रवाई पर संतुष्टि जाहिर करते हुए शुक्रिया कह रही थीं।
पुलिस ने यह ट्विटर पर डाला है। मगर, वीडियो के बाद तान्या पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रही हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने सिर्फ आरोपियों पर पाबंद करने की कार्रवाई की, जबकि मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। उन्हें बाद में पता चला। आरोपियों को जेल भेजने का आश्वासन दिया गया था। ऐसे में वो सुरक्षित नहीं हैं। उनके साथ कोई घटना हो सकती है।
पिता का कारोबार बंद, भाई भी है विकलांग
तान्या मित्तल ने बताया कि पिता मोहन कुमार मित्तल का बाराह भाई गली में मसाले का कारोबार था। मगर, उन्हें वर्ष 2015 में अटैक पड़ गया। वो कोमा में हैं। व्यापार बंद हो गया। 17 साल का भाई शिवम विकलांग है। मां रजनी मित्तल हैं। परिवार की जिम्मेदारी तान्या पर ही है।
उन्होंने बताया कि फिलिंपगंज में उनका मकान और सौ वर्ग गज में गोदाम था। गोदाम के पांच हजार रुपये किराये से घर का खर्च चलता था। इस गोदाम को छह साल पहले दबंगों ने दबाव बनाकर तीन लाख रुपये में खरीद लिया। उसकी कीमत अब 50 लाख रुपये है।
अब मकान पर भी कब्जा करना चाहते हैं। आरोप लगाया कि सपा सरकार में सरकारी जमीन पर कब्जा करने के बाद भाजपा सरकार में बिना नक्शे के बिल्डिंग बनाई जा रही है। इसमें आरोपियों को सपा नेता सुबोध यादव का साथ है। वह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी हैं।
घर के बाहर छोड़ा गया है आठ फीट का रास्ता
सीओ छत्ता दीक्षा सिंह ने बताया कि पीड़िता का वीडियो मिलने पर जांच की थी। युवती के घर के बाहर आठ फीट का रास्ता छोड़ा गया है। जिन पर आरोप है, उनमें सुबोध यादव यादव सहित अन्य के खिलाफ पाबंद करने की कार्रवाई की है। एसीएम द्वितीय कागजात की जांच कर रहे हैं।
मैं तो पंचायत में विवाद निपटाने गया था : सुबोध यादव
सपा नेता सुबोध यादव का कहना है कि जमीन मेरी नहीं है। यह करन, राजीव और बिट्टू की है। कुछ जमीन को गौरव गुप्ता ने खरीदा है। युवती की शिकायत पर पंचायत में विवाद निपटाने गया था। आठ फीट का रास्ता छोड़ दिया गया। खरीदारों पर जमीन के वैध कागजात मौजूद हैं। जमीन पर ऑफिस क्यों बनाएंगे। फिर भी पुलिस ने पंचायत में शामिल होने की वजह से मेरे सहित पांचों के खिलाफ पाबंद करने की कार्रवाई की है।