उत्तर प्रदेश के आगरा की हवा जहरीली हो गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज में बीते सप्ताह में 42 मरीज पहुंचे हैं। पांच अस्थमा अटैक के मरीज हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की हाई डोज देनी पड़ी है।
धूल-धुआं से हवा खतरनाक हो गई है। फेफड़ों में इनके भर जाने से सांस उखड़ रही है। अस्थमा अटैक के 5 मरीज एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में भर्ती कराए गए हैं। बीते एक सप्ताह में 42 मरीज भर्ती हुए हैं। इन्हें ऑक्सीजन की हाई डोज देनी पड़ी।
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वक्ष एवं क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि मौसम में नमी और धूल-धुआं ज्यादा है। सांस के जरिये नलिकाओं और फेफड़ों में इसके जाने से संक्रमण हो रहा है। बुखार, खांसी, गले में खराश, सीने में जकड़न की दिक्कत हो रही है। सांस उखड़ने पर अस्थमा और सांस रोगियों को ज्यादा परेशानी है। अस्थमा अटैक की वजह से एसएन की इमरजेंसी में भर्ती हुए 5 मरीजों को ऑक्सीजन पर रखा है।
यूपी टीबी डिमांस्ट्रेशन सेंटर के निदेशक डॉ. संजीव लवानियां ने बताया कि धुआं में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाईऑक्साइड, सल्फर डाईऑक्साइड समेत अन्य हानिकारक गैस होती हैं। ये फेफड़ों में जाकर टीबी, अस्थमा और सांस रोग को गंभीर बना रही हैं। सेंटर में 30 फीसदी मरीज बढ़ गए हैं। कई को लगातार खांसी से बलगम में खून भी आ रहा है।
ये बरतें सावधानी
- घर से बाहर जाते वक्त मास्क लगाएं।
- कचरा न जलाएं, मरीज दवाएं न बंद करें।
- सुबह-देर शाम हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- डॉक्टर की परामर्श से इन्हेलर की डोज बढ़वाएं।
- गर्म पानी की सुबह-शाम भाप लें।