यमुना नदी के तेज बहाव और अधिक गहराई होने के कारण छठ पर्व पर इस बार हाथी घाट पर पूजा नहीं होगी। नगर निगम ने उटंगन नदी में मूर्ति विसर्जन के दौरान 12 लोगों की डूबने से मौत की घटना से सबक लेते हुए यह फैसला लिया है। तय किया गया है कि हाथी घाट की बजाय इस साल यमुना आरती स्थल पर छठ पूजा के लिए व्यवस्थाएं की जाएंगी।
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निगम अधिकारियों के निर्देश पर पर युद्ध स्तर पर काम भी शुरू हो गया है। अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार ने बताया कि इस साल यमुना में पानी का प्रवाह तेज है। साथ ही बाढ़ के चलते नदी की तलहटी कई जगह गहरी तो कई जगह काफी उथली है जिसके चलते हाथी घाट पर श्रद्धालुओं के खड़े होकर अर्घ्य देने में दिक्कत आ सकती है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पास ही स्थित यमुना आरती स्थल को छठ पूजा के लिए तैयार कराया है। बताया कि आरती स्थल पर साफ-सफाई, समतलीकरण, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए वहां अतिरिक्त सफाई कर्मी, जल आपूर्ति टैंकर और लाइटिंग स्टाफ की तैनाती भी की जाएगी।
अपील की कि लोग इस बार छठ पूजा के लिए हाथी घाट न जाएं। उधर, लोगों को हाथी घाट पहुंचने रोकने के लिए निगम ने कर्मचारियों की तैनाती कर दी है। साथ ही रस्सी व बल्लियों की मदद से लोगों को हाथी घाट में पानी में उतरने से रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं।