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सवाल उठाने वाले जान लें, देश के बहुचर्चित मामले सुलझा चुकी है आगरा एफएसएल

Wed, 19 Jul 2017 04:41 PM IST
चंद्रमोहन शर्मा/अमर उजाला आगरा
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आगरा फोरेंसिक लैब - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश विधान सभा में मिले संदिग्ध पाउडर के परीक्षण को लेकर चर्चा में आई आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला में यह पहला बड़ा मामला नहीं आया है। यहां पहले भी कई चर्चित मामलों की जांच हो चुकी है। यहां के वैज्ञानिकों ने अपराध की कई बुरी तरह से उलझी गुत्थियां भी सुलझाई हैं। सीबीआई भी इस लैब की रिपोर्ट पर बहुत यकीन करती है।
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बता दें कि अंग्रेजो के जमाने में 1937 में स्थापित हुई आगरा लैब में 28 जिलों से सैंपल आते हैं। हर महीने लगभग पांच सौ मामलों की जांच होती है। 12 सेक्शन (अनुभाग) हैं इस लैब में। इनमें विस्फोटक अनुभाग केपास तो पूरे प्रदेश से सैंपल आते हैं। 

प्रदेश में तीन बड़ी प्रयोगशालाएं आगरा, वाराणसी और लखनऊ में हैं। अभी तक विस्फोटक अनुभाग सिर्फ आगरा में है। अब इसे अन्य लैब में खोला जा रहा है। इसके चलते तमाम आतंकी घटनाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विस्फोटकों की इसी लैब में जांच कराई जाती है। 
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लेकिन कई मामलों में लैब के अधिकारी दबाव में नजर आते हैं। दो साल पहले फिरोजाबाद में हुए सारा हत्याकांड में यही हुआ था। महीनों तक जांच चली लेकिन रिपोर्ट नहीं दी गई। बाद में केस सीबीआई को सौंप दिया गया था। अब विधान सभा में मिले संदिग्ध पाउडर की जांच में यही हो रहा है। जांच बीच में रोक दी गई है।
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ये केस रहे चर्चित

निठारी कांड - फोटो : अमर उजाला
- नोएडा का निठारी कांड : आगरा के वैज्ञानिकों ने ही बताया था कि सुरेंद्र कोली बच्चों का मांस खाता है।

- नोएडा का भट्टा पारसौल कांड: प्रदेश की सियासत में भूचाल मचा देने वाली घटना की फोरेंसिक जांच इसी लैब में की गई।

- नेहा शर्मा हत्याकांड : आगरा के इस चर्चित केस का खुलासा ही फोरेंसिक जांच टीम ने किया था।

- पुरखरायां रेल हादसा : कानपुर के ट्रेन पलटने की जांच करने भी आगरा से ही वैज्ञानिक गए थे। 

- मेरठ का विक्टोरिया पार्क अग्निकांड: आगरा लैब ने ही बताया था कि  घटना के समय पाण्डाल का तापमान कितना था।
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