छह फरवरी को आगरा-मथुरा हाईवे को दोपहर में तीन घंटे के लिए जाम किया जाएगा। इसके बाद विधायकों के आवासों पर तालाबंदी की जाएगी। ये निर्णय किसानों की गांव बाद में आयोजित पंचायत में लिए गए। बरौली अहीर ब्लॉक के गांव बाद स्थित पंचायत भवन में गुरुवार को किसानों की पंचायत हुई। इसमें तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग बुलंद की गई। किसान नेताओं ने कहा कि कानून वापस होने तक पीछे नहीं हटेंगे।
किसान नेता चौधरी रामवीर सिंह ने कहा कि किसानों की बात नहीं मानी गई तो जिले के सभी नौ विधायकों का घेराव किया जाएगा और उनके आवास पर तालाबंदी की जाएगी। छह फरवरी को आगरा-मथुरा हाईवे तीन घंटे के लिए जाम किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव जाकर जनसंपर्क किया जाएगा। कानून वापस होने तक संघर्ष जारी रहेगा, भले ही जेल जाना पड़े।
सौरभ चौधरी ने कहा कि सरकार दिल्ली में कटीले तार लगाकर किसानों को रोक नहीं सकती है। उन्होंने सांसदों से मांग की है कि किसानों की समस्याओं को वह संसद में रखें। इस दौरान शुक्रवार को मिढ़ाकुर में प्रस्तावित महापंचायत में अधिक से अधिक संख्या में किसानों से पहुंचने की अपील की गई।
पंचायत में भाकियू जिला अध्यक्ष राजवीर लवानिया, सोमवीर यादव और लाखन सिंह त्यागी ने आदि मौजूद रहे। पंचायत में बलवीर, किशन सिंह चौहान, दुर्गा प्रसाद, रविंद्र सिंह, सोमवीर, मुकेश पाठक, सुरेंद्र पूनिया, रमजान अब्बास, महेश कुमार, लाखन सिंह, राजवीर सिंह, बनी सिंह पहलवान, अवधेश सोलंकी, मेहताब सिंह चौहान, रविंद्र सिंह, थान सिंह मास्टर की मौजूदगी रही।
'दिल्ली से जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा'
पंचायत में किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा कि दिल्ली में आंदोलित किसान नेताओं का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा। चाहे वह रोड जाम करने का आदेश हो या फिर जेल भरने का। किसान किसी कीमत पर पीछे नहीं हटेगा। आंदोलित किसानों का समर्थन करने पर आगरा के किसानों को 20-20 लाख रुपये के नोटिस दिए जा रहे हैं।
उन्हें घर में कैद किया जा रहा है। जबकि, इनर रिंग रोड घोटाले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तक नहीं हो रही है। पंचायत में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया है कि दो दिन में यदि किसानों को भेजे गए नोटिस वापस नहीं लिए गए तो सड़कों पर आंदोलन होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।