आगरा के महिला जिला चिकित्सालय (लेडी लॉयल) की डाक्टर मोनिका सिद्धू (32) की खुदकुशी के मामले में बुधवार को यह बात सामने आई कि उनका डाक्टर पति अरविंदर उनकी पिटाई करता था।
मोनिका के पिता अजय कुमार का आरोप है कि अरविंदर उनकी बेटी का शारिरिक और मानसिक रूप से उत्पीड़न कर रहा था। इसी के कारण वह गहरे तनाव में थी।
अजय कुमार ने पुलिस से कहा है कि वह इसकी रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। मोनिका ने लेडी लॉयल परिसर में स्थित अपने आवास में खुदकुशी की थी। उन्होंने बेडरूम में जाकर अपने हाथ में जहर का इंजेक्शन लगा लिया था।
रात में पति अरविंदर का कहना था कि पत्नी से उनकी थोड़ी बहुत अनबन थी लेकिन यह सामान्य ही थी, जैसी आमतौर पर पति पत्नी के बीच होती है। बुधवार को मोनिका के पिता ने कहा कि बात इतनी सी नहीं है।
उनकी बेटी को बुरी तरह से प्रताड़ित किया जा रहा था। एक नहीं, अनेक बार उसे पीटा गया। उसकी सहनशक्ति जबाव दे गई थी। डाक्टर मोनिका के शव का पोस्टमार्टम डाक्टरों के पैनल ने किया।
इसमें मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। उनका विसरा संरक्षित रख लिया गया है। डाक्टरों का कहना था कि जहर के मामलों में पोस्टमार्टम से मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होता है। इसके लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला में विसरा जांच होगी।
19 अप्रैल की रात भी पीटा गया था
अजय कुमार का कहना है कि 19 अप्रैल की रात भी उनकी बेटी को बेरहमी से पीटा गया था। उसने रोते रोते ही फोन किया था। वह उसके घर गए थे।
वहां डाक्टर अरविंदर मौजूद था। उसने ही पीटा था। अजय कुमार ने बताया कि पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिसवाले आ गए थे इससे अरविंदर घबरा गया। उसने लिखकर दिया कि अब भविष्य में कभी हाथ नहीं उठाएगा।
डेढ़ साल के मासूम को नहीं पता कि उसकी मां हमेशा के लिए उससे दूर चली गई है। वह सुबह से रोता रहा। नौकरानी ने दूध दिया, लेकिन उसने नहीं पिया। डाक्टर मोनिका तमाम व्यस्तता के बावजूद बच्चे के लिए समय जरूर निकालती थीं।