आगरा जिला अस्पताल में व्यवस्थाओं के कितने भी दावे किए जाएं लेकिन कुछ तस्वीरें यहां की व्यवस्थाओं की पोल खोल देती हैं। सोमवार को जब एक महिला अपनी बहन के पैर में प्लास्टर करवाने आई तो मौके पर व्हीलचेयर ना मिलने की वजह से उसने अपनी बहन को पीठ पर ही बैठा लिया और प्लास्टर कक्ष तक लेकर गई। इस दौरान ना तो किसी कर्मचारी ने उसे व्हीलचेयर दिया और ना ही कोई मदद की।
जिला अस्पताल के सीएमएस का दावा है कि अस्पताल में जो भी मरीज चलने में असमर्थ होता है उसके लिए दोनों प्रवेश द्वार पर दो-दो व्हीलचेयर की व्यवस्था की गई है। मरीजों की मदद के लिए कर्मचारी भी तैनात हैं। जगदीशपुर की लता सीढ़ियों से गिर गईं तो उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया। अपनी बहन के साथ में जिला अस्पताल में इलाज के लिए आई तो प्रवेश द्वार पर उन्हें व्हीलचेयर नहीं मिली। ऐसे में लता की बहन ने उन्हें अपने पीठ पर लाद लिया और खुद ही प्लास्टिक कक्ष तक ले गई। अपनी बहन को उन्होंने डॉक्टर को दिखाया उसके बाद फिर से उन्हें कंधे का सहारा देकर अस्पताल से चली गई।
यह मार्मिक तस्वीर देखकर हर कोई सिहर उठा, लेकिन जिला अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों में से किसी ने भी मरीज की मदद करने की जहमत तक नहीं उठाई। वहीं, जिला अस्पताल के सीएमएस राजेंद्र कुमार का कहना है कि दोनों प्रवेश द्वार पर दो-दो व्हीलचेयर का इंतजाम है।