ग्रामीण बैंकों की शाखाएं पूरे 9 दिन बंद रहेंगी तो वहीं शहरों में सार्वजनिक और निजी बैंक मार्च के अंत में तीन दिन बंद रहेंगे। बैंक बंद रहने से कारोबार पर पड़ने वाले असर के मद्देनजर उद्योग और व्यापार संगठनों ने रिजर्व बैंक से इन छुट्टियों को रद्द करने की मांग की है।
ऑटोमोबाइल्स एसोसिएशन आफ आगरा के राजीव गुप्ता ने भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर को पत्र लिखकर कहा है कि बैंकों की मार्च के अंत में लगातार छुट्टियों से व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा।
मार्च की क्लोजिंग में सरकारी, अर्ध सरकारी और प्राइवेट तीनों ही जगह पर बजट और चेक का आदान-प्रदान होगा। लेन-देन न होने के कारण उद्योग और व्यापार जगत के सामने मुश्किलें आएंगी, वहीं टैक्स भी जमा करना होगा। 29 से 31 मार्च के बीच छुट्टियों को रद्द कर बाद में समायोजित कर दी जाएं।