फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ग्रीन गैस से आए ये मैसेज, तो क्लिक न करें: साइबर ठगी से बचना है, तो अपनाएं ये तरीका; आगरा में हुआ एक और फ्रॉड

Tue, 29 Sep 2026 11:44 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ग्रीन गैस बिल अपडेट करने के नाम पर साइबर ठग ने कारोबारी के व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर एपीके फाइल डाउनलोड कराई और मोबाइल की कॉल फॉरवर्ड करवा ली। इसके बाद कारोबारी की फर्म के बैंक खाते से छह लाख रुपये निकाल लिए गए। साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विज्ञापन
व्हाट्सएप - फोटो : AI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ग्रीन गैस बिल अपडेट करने के नाम पर एक और साइबर ठगी हो गई। कमला नगर यमुनोत्री कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी योगेश कुमार अग्रवाल को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर जालसाज ने उनके मोबाइल में एपीके फाइल डाउनलोड करा दी। इसके बाद कॉल फॉरवर्ड कराकर उनकी फर्म के खाते से 6 लाख रुपये निकाल लिए।
विज्ञापन


पीड़ित योगेश कुमार ने साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया कि 21 सितंबर को उनके व्हाट्सएप पर अनजान नंबर से ग्रीन गैस के नाम का संदेश आया। इसमें बिल अपडेट करने के लिए दो मोबाइल नंबर दिए गए। साइबर ठग ने बातचीत के दौरान उनके मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने को कहा। इसके बाद बातों में फंसाकर उनसे मोबाइल की कॉल फॉरवर्ड करा ली।

कुछ ही समय बाद उनकी फर्म आरके मिनरल्स के इंडियन बैंक, रुनकता शाखा के खाते से 6 लाख रुपये निकल गए। रकम कटने का पता चलने पर उन्होंने साइबर अपराध थाने में शिकायत की। डीसीपी साइबर आदित्य सिंह ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन


ठगी से बचने के लिए रहें सतर्क
डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि ग्रीन गैस बिल, मीटर या कनेक्शन अपडेट के नाम पर आए अनजान लिंक या एपीके फाइल डाउनलोड न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में रिमोट एक्सेस एप न डालें और बैंक खाते, डेबिट कार्ड, ओटीपी, यूपीआई पिन या सीवीवी की जानकारी साझा न करें। बिल भुगतान के लिए केवल कंपनी के अधिकृत माध्यम का इस्तेमाल करें। फोन पर धमकी देकर तुरंत भुगतान करने को कहने वालों से सावधान रहें। कोई संदिग्ध लिंक खोल दिया है तो तुरंत इंटरनेट बंद कर बैंक को सूचना दें। ठगी होने पर 1930 पर कॉल कर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराएं।

बीते दिनों सामने आए मामले
- 11 सितंबर - शाहगंज के प्रभाकर को मीटर अपडेट के नाम पर एपीके डाउनलोड कराई गई। खाते से 5.37 लाख रुपये निकाल लिए गए।
- 10 सितंबर - ताजगंज के अजय कुमार गुप्ता को सीआरएन नंबर देखने के नाम पर एपीके भेजी गई। अगले दिन खाते से 6.14 लाख रुपये निकले।
- 8 सितंबर- दयालबाग निवासी गिरीश शर्मा को 130 रुपये के बिल भुगतान का लिंक भेजा गया। लिंक खोलने के बाद 2.98 लाख रुपये की ठगी हुई।

- 6 सितंबर - सिकंदरा निवासी राधा मोहन श्रीवास्तव को बिल भुगतान का मैसेज भेजा गया। एपीके के जरिये 5.96 लाख रुपये की ठगी हुई।
- 17 जुलाई- न्यू लॉयर्स कॉलोनी के अधिवक्ता राजेश कुमार परिहार को ग्रीन गैस बिल की एपीके भेजी गई। 23 सितंबर को खाते से 2.54 लाख रुपये निकलने का पता चला।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें