उच्च न्यायालय ने जारी किए दिशा-निर्देश
कोविड-19 के नए वैरिएंट ओमिक्रोन के तेजी से फैलने के मद्देनजर उच्च न्यायालय ने जिला न्यायालयों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार, जिला न्यायाधीश न्यायालय परिसर में कोर्ट स्टाफ का न्यूनतम प्रवेश सुनिश्चित करेंगे।
कर्मचारियों की संख्या तय करने, रोटेशन के माध्यम से ड्यूटी सौंपने, साप्ताहिक आधार पर दिन व समय-स्लॉट तय करेंगे। डीएम या मुख्य चिकित्सा अधिकारी की यह राय है कि जिला और बाहरी न्यायालय परिसर को कोविड-19 के कारण किसी विशेष अवधि के लिए बंद किया जाना चाहिए तो उक्त अवधि के लिए तत्कालीन जिला न्यायालय और बाहरी न्यायालय को बंद किया जा सकता है।
युवा अधिवक्ताओं ने की वर्चुअल सुनवाई की मांग
यूथ बार एसोसिएशन की एक बैठक मंगलवार को संस्थापक और उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना संघर्ष समिति के सचिव हेमंत भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित मिलने के कारण केवल वर्चुअल सुनवाई की मांग की गई।
अधिवक्ताओं ने वर्तमान में कोरोना की तीसरी लहर से दिन प्रतिदिन बढ़ने वाली संक्रमित मरीजों की संख्या को देखते हुए न्यायालय परिसर में केवल वर्चुअल सुनवाई की मांग की। हेमंत भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में समय पर सही कदम उठा लेने से दीवानी में संक्रमण की रफ्तार थामी जा सकती है।
कोरोना की दूसरी लहर में हम पहले ही 50 से अधिक अपने सम्मानित अधिवक्ता साथियों को खो चुके हैं। दूसरी लहर में तमाम कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी संक्रमित हुए थे। मृतक अधिवक्ताओं के परिजनों को सरकार की ओर से कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई। न ही बार एसोसिएशन सहायता करने में सक्षम हो सकी।