काॅमर्शियल कोर्ट आगरा ने मेसर्स शेखिन इंटरनेशनल और आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के बीच चल रहे आर्बिट्रेशन वाद में सुनवाई करते हुए प्राधिकरण के बैंक खातों को तत्काल कुर्क करने का आदेश जारी किया है। कोर्ट ने अदालती आदेश की अवहेलना और खातों से पैसे निकालने के मामले में एडीए सचिव को 30 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर लिखित स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है।
आदेश के बावजूद खाते से निकाले गए करोड़ों रुपये के मामले में कॉमर्शियल कोर्ट ने इससे पूर्व बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एमजी रोड शाखा स्थित एडीए के खातों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद 13 अक्तूबर को प्राधिकरण की ओर से एक खाते से 52.26 लाख और दूसरे खाते से 5.51 करोड़ रुपये की निकासी कर ली गई। कोर्ट ने इस कृत्य को न्यायालय के साथ धोखा और निष्पादन वाद की कार्यवाही को निष्प्रभावी बनाने का प्रयास माना, जिसके लिए एडीए सचिव को उत्तरदायी ठहराया गया है।
न्यायालय ने डिक्रीदार की ओर से अधिवक्ता सुनील कटारा के पेश किए गए प्रार्थनापत्र को स्वीकार करते हुए प्राधिकरण के केनरा बैंक जयपुर हाउस शाखा और यूनियन बैंक आगरा विकास प्राधिकरण शाखा स्थित खातों को कुर्क कर दिया है। पीठासीन अधिकारी ने 23 अक्तूबर को दोपहर 12:30 बजे के बाद इन खातों से किसी भी प्रकार की धनराशि के आहरण और लेन-देन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने संबंधित बैंक प्रबंधकों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि आदेश के बावजूद इन खातों से कोई लेन-देन होता है तो बैंक प्रबंधकों के विरुद्ध भी नियमानुसार अग्रिम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।