विधायक ने किया खुद को होम आईसोलेट
भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय में महाराष्ट्र से लौटने के बाद कोरोना के लक्षण सामने आए हैं। खांसी, जुकाम की शिकायत पर सोमवार को उन्होंने कोरोना जांच कराई। एंटीजन रिपोर्ट नेगेटिव आई है, लेकिन विधायक ने खुद को होम आइसोलेट कर लिया है।
विधायक योंगेद्र उपाध्याय ने बताया कि आरटीपीसीआर जांच के लिए मंगलवार सुबह दोबारा सैंपल दिया है। बुधवार को रिपोर्ट आएगी। इससे पहले पिछले साल भी योंगेद्र उपाध्याय संक्रमित हो चुके हैं। दूसरी तरफ मेयर नवीन जैन ने संक्रमण की पुष्टि होने के बाद खुद को होम आइसोलेट कर लिया है। मेयर में संक्रमण के मामूली लक्षण हैं।
33 मरीजों के संपर्क में आए 458 लोग
सोमवार को मिले 33 नए संक्रमितों की मंगलवार को कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की गई। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि 458 लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की गई है। सभी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। बुधवार को संपर्क में आए लोगों की जांच होगी। सीएमओ ने बताया कि एक संक्रमित के संपर्क वाले 10 से 15 लोगों की जांच की जा रही है।
24 से 36 घंटे में पहुंच रहीं दवाइयां
होम आईसोलेशन में मरीजों के पास स्वास्थ्य विभाग दवाई पहुंच रहा है। इनकी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सैंपलिंग व दवाई वितरण में 24 से 36 घंटे का समय लग रहा है। सीएमओ ने बताया कि 45 रैपिड रिस्पांस टीमें हैं जो कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग व मेडिकल किट मरीजों के घर पहुंचाती हैं।
नए संक्रमितों की निगरानी फिलहाल कंट्रोल रूम से फोन के जरिये हो रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने से आरआरटी व सर्विलांस टीमों पर काम का दबाव भी बढ़ गया है। जिसके कारण कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग व दवाई पहुंचाने में समय लग रहा है।
जीनोम सीक्वेसिंग को नहीं भेजे 56 मरीजों के सैंपल
कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ रहा है, दूसरी तरफ जीनोम सीक्वेसिंग में लेटलतीफी हो रही है। शहर में 113 सक्रिय मरीज हैं। सोमवार को मिले 33 और मंगलवार को मिले 23 कुल 56 मरीजों में ओमिक्रॉन की जांच के लिए उनके सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए नहीं भेजे गए हैं।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि दो दिन पूर्व मिले संक्रमितों सहित कुल 40 सैंपल जीनोम सीक्वेसिंग के लिए भेजे हैं। पिछले दो दिन में मिले मरीजों के सैंपल बुधवार को भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि सैंपल पुणे भेजे जाते हैं। जांच रिपोर्ट आने में समय लगता है। शहर में एक तरफ कोरोना बढ़ रहा है, दूसरी तरफ जीनोम सीक्वेसिंग नहीं होने के कारण ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता नहीं चल पा रहा।