कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग के छात्र
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घर जमीन या पारिवारिक विवाद में फंसे ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं होता कि किस अपराध के लिए दंड का क्या प्रावधान है। दोषियों को सजा दिलाने के लिए क्या कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए और अपराध के घटित होेने के बाद पीड़ित को सबसे पहले कहां से सहायता मिल सकती है। आम आदमी की इसी समस्या का हल खोजा है आगरा कॉलेज के कंप्यूटर साइंस के छात्रों ने। इंजीनियरिंग फैकेल्टी के छात्र एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म ''न्याय सेतु'' पर काम कर हैं जो वेबसाइट और एप दोनों पर कानूनी सहायता प्रदान करेगा।
इसका मुख्य उद्देश्य जनता को कानूनी सहायता और सही दिशा प्रदान करना। अगर किसी व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार की कानूनी या न्यायालय से जुड़ी समस्या है, तो वह न्याय सेतु के जरिए मदद प्राप्त कर सकेगा। छात्र अभिषेक यादव ने बताया कि एआई आधारित न्याय सेतु डैशबोर्ड उपयोगकर्ता की समस्या का उचित समाधान बताएगा। इस प्लेटफॉर्म पर अधिवक्ताओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी, जिससे व्यक्ति उचित वकील चुन उनसे सीधे संपर्क कर सकेगा। कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग शर्मा ने बताया कि हमारा लक्ष्य न्याय और जनता के बीच की दूरी को तकनीक की मदद से कम करना है। बहुत बार लोग कानून की जानकारी न होने के कारण न्याय से वंचित रह जाते हैं, ‘न्याय सेतु’ इस अंतर को खत्म करेगा। और सबसे खास बात ये है कि यह पूरी तरह से निशुल्क है।
एसओएस ऑप्शन है खास
छात्र हार्दिक ने बताया कि 22 भाषाओं में ऐप काम करेगी। साथ ही इमरजेंसी को ध्यान में रखते हुए स्टेट ओपन स्कूल (एसओएस) ऑप्शन रहेगा। इसमें ऑप्शन पर क्लिक करते ही सभी इमरजेंसी नंबर आ जाएंगे जिसमें डायरेक्ट कॉल की सुविधा मिलेगी।
कैसे करेगा काम
1- ऐप में या वेबसाइट में साइनअप या लॉगइन करना होगा।
2- एआई कंसलटेशन का चयन करें या फिर लॉयर के ऑप्शन पर जाकर जानकारी प्राप्त करें
3- तुरंत सलाह पाएं साथ ही कॉल बैक के लिए समय दे सकते हैं
4- प्रोफाइल पर जाकर केस हिस्ट्री की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं
नोट- कोई भी समस्या आदि जानकारी के लिए कॉन्टेक्ट ऑप्शन पर जाकर जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। यह ऐप और वेबसाइट अंतिम रूप और परीक्षण पूरा होने के बाद इसे सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
टीम के सदस्य-
- अभिषेक यादव
- जाह्नवी सिंह
- अभिषेक मथुरिया
- हार्दिक दीक्षित