बहुप्रतीक्षित सिविल एन्क्लेव की सोमवार को नींव रखी गई। पहले चरण में इसकी बाउंड्री का निर्माण होगा। मगर, इस एन्क्लेव से हवाई जहाजों को उड़ान भरने में अभी कम से कम दो साल और लगेंगे।
तब तक शहरवासियों को इंतजार करना होगा। सिविल एन्क्लेव वर्तमान खेरिया हवाई अड्डे से दोगुना बड़ा और काफी सुविधायुक्त होगा।
योजना के मुताबिक सिविल एन्क्लेव पर फिलहाल एक ही टर्मिनल बनेगा। वर्तमान में खेरिया हवाई अड्डे पर एक बार में 250 यात्रियों को सुविधा प्रदान की जा सकती है। सिविल एन्क्लेव पर यह क्षमता दोगुनी, करीब 500, होगी।
इस टर्मिनल पर किसी भी प्रकार का यात्री विमान उतारा जा सकेगा। इन विमानों को रुकने के लिए पांच हैंगर भी बनाए जाएंगे। मगर, एन्क्लेव पर वीआईपी विमानों को खड़ा करने में दिक्कत आएगी।
ये विमान काफी बड़े होते हैं। वर्तमान में प्रस्तावित एन्क्लेव पर इतने बड़े विमानों के लिए हैंगर की व्यवस्था नहीं है। इसके लिए एयरपोर्ट अथारिटी ने 2.5 एकड़ जमीन और मांगी है।
ताकि वीआईपी विमानों के आने से टर्मिनल पर दूसरे विमानों के संचालन में कोई अड़चन न आए। एयरपोर्ट अथारिटी की निदेशक कुसुम दास का कहना है कि सिविल एन्क्लेव का कार्य पूरा होने में 15 से 18 महीने का समय लगेगा।
इसका काम बाउंड्री निर्माण के बाद शुरू होगा। हालांकि एयरपोर्ट अथारिटी ने टेंडर की प्रक्रिया अभी से शुरू कर दी है।
तीन महीने में होगा बाउंड्री निर्माण का कार्य
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सिविल एन्क्लेव की बाउंड्री निर्माण के कार्य का अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. रामशंकर कठेरिया ने शिलान्यास किया।
यह निर्माण कार्य तीन महीने में पूरा होगा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस योजना के लिए जमीन अधिग्रहण को 65 करोड़ रुपये जारी किए जाने थे। जोकि पिछली सरकार ने रोक रखे थे।