आगरा के कालिंदी विहार में बुधवार को परचून व्यापारी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिवारीजनों का आरोप है कि सूदखोर के उत्पीड़न से परेशान होकर यह कदम उठाया है। कर्ज चुकाने के बावजूद सूदखोर दो लाख रुपयों की और मांग कर रहा था। घर आकर धमकाकर गया।
मूलरूप से मथुरा के दाऊजी स्थित गांव हतगौली निवासी शिव प्रकाश (50) पुत्र रामगोपाल 30 साल से आगरा में रहकर व्यापार करते थे। टेढ़ी बगिया पर परचूनी की दुकान है। पत्नी सुमन के साथ दुकान पर बैठते थे। बेटे रवि की तेल-घी और एक बेटे की मोबाइल की दुकान है।
परिवारीजनों ने बताया कि शिवप्रकाश ने चार साल पहले पत्नी के आपरेशन के लिए देव हास्पिटल के संचालक रामकुमार से दो लाख रुपये उधार लिए थे। रामकुमार ब्याज पर रुपये उधार देने का काम करता है।
आरोप है कि सारा रुपया और ब्याज चुकाने के बावजूद रामकुमार दो लाख रुपयों की और मांग कर रहा था। इसके लिए रोजाना धमकाता था। बुधवार सुबह भी घर आया। धमकी देने लगा। विरोध करने पर पिटाई लगाई।
इससे शिवप्रकाश तनाव में आ गया। सुबह 11 बजे वह पहली मंजिल पर कमरे में चले गए। दोपहर एक बजे पत्नी सुमन छत पर कपड़े सुखाने गई। कमरे में शिवप्रकाश का शव पंखे के कुंडे से फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। यह देखकर घर में कोहराम मच गया।
शिवप्रकाश को नजदीक के हास्पिटल में ले गए, जहां से उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद सिकंदरा क्षेत्र स्थित हास्पिटल में लाए। यहां पर शिवप्रकाश को मृत घोषित कर दिया गया। परिवारीजनों ने शाम चार बजे कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। सिकंदरा पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
वहीं इंस्पेक्टर थाना एत्माद्दौला ने बताया कि मृतक के बेटे रवि ने रामकुमार, डा. श्रीनिवास और हरिबाबू के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने की धारा में मुकदमा दर्ज कराया है। रवि ने लिखा है कि एक साल पहले दो लाख रुपये उधार लिए थे।
ब्याज सहित पैसा चुका दिया। इसके बावजूद रुपयों की मांग की जा रही थी। उक्त लोगों ने पिता की छाती पर रिवाल्वर रखकर जान से मारने की धमकी दी। इससे ही वह परेशान हो गए।