फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मां की फिक्र कर दिल्ली साथ गया था बेटा, यूं खींच ले गई मौत

Fri, 03 Nov 2017 07:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
उत्सव (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मौत ही थी जो उत्सव को खींचकर यमुना एक्स्प्रेस वे पर ले गई। उसकी दिल्ली जाने की कोई योजना ही नहीं थी। लेकिन पुराना ड्राइवर उपलब्ध न होने के चलते वह मां रेणुका डंग के साथ गया। 
विज्ञापन


मां ने मना भी किया, लेकिन वह नहीं माना। उसने कह दिया, नए ड्राइवर के साथ आपको अकेले नहीं भेज सकता। वह सुबह चार बजे मां के साथ दिल्ली के लिए निकला था। वहां पुराना ड्राइवर मिलते ही मां को उसके साथ एयरपोर्ट भेजा। खुद आगरा के लिए लौट पड़ा।

डंग परिवार को पुराने ड्राइवर पर बहुत भरोसा है। उसके साथ कोई भी कहीं भी चला जाता है। वह पहले से दिल्ली गया हुआ था। रेणुका डंग को बंगलूरू जाना था। इसके लिए नए ड्राइवर को बुलाया गया।
विज्ञापन

कारोबारी के घर पर पहुंचे लोग। - फोटो : अमर उजाला
उत्सव को जैसे ही इसका पता चला, उसने मां को उसके साथ अकेले भेजने के इनकार कर दिया। वह अड़ गया कि साथ में जाएगा। सुबह चार बजे वे लोग सूर्य नगर से रवाना हुए। दिल्ली में पुराने ड्राइवर से फोन पर संपर्क किया। 

वह मिल गया तो मां को उसी के साथ गाड़ी में बैठा दिया। नए के साथ वह आगरा लौट आया। रास्ते में दोनों दर्दनाक हादसे का शिकार हो गए। रेणुका डंग को कोच्चि जाना था। पहले बंगलूरू और फिर को‌च्चि। हादसे का पता चलते ही वह बंगलूरू से आगरा के लिए रवाना हो लीं। 
विज्ञापन

इकलौता चिराग, दो साल पहले हुई शादी

कारोबारी के घर पर पहुंचे लोग - फोटो : अमर उजाला
क्या कहा, उत्सव की मौत हो गई। हे भगवान, ये क्या हो गया। जिसने भी दर्दनाक हादसे के बारे में सुना, वह सन्न रह गया। होता भी क्यों नहीं, सूचना ही ऐसी थी कि दिल दहल जाए। उसके परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे लोग परिवारीजनों के आंसू पोंछ रहे थे। 

मगर उनकी खुद ही आंख से आंसू बह रहे थे। उत्सव की शादी दो साल पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी कनिका का रो रोकर बुरा हाल है। दोनों की शादी की दूसरी सालगिरह 15 नवंबर को आने वाली थी।

संजय डंग और रेणुका डंग के दो बच्चों में उत्सव बड़ा था। छोटी बहन है संजीका। वह मुंबई में अधिवक्ता है। उत्सव ने सिंगापुर से भी पढ़ाई की थी। परिवार ही नहीं, रिश्तेदारों की भी आंख का तारा था। पिता ने अपना कारोबार भी उसी के नाम से ( यूवी से ) किया था।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें