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Agra Bus Hijack: आगरा में बस हाईजैक करने वाले बदमाश और पुलिस के बीच मुठभेड़, एक घायल

Thu, 20 Aug 2020 10:06 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
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बस हाइजैक प्रकरणः मुठभेड़ में घायल प्रदीप से पूछताछ करते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के मलपुरा क्षेत्र में न्यू दक्षिणी बाईपास पर मंगलवार रात 34 यात्रियों से भरी बस के अपहरण के मुख्य आरोपी जैतपुर निवासी प्रदीप गुप्ता से पुलिस की गुरुवार सुबह मुठभेड़ हो गई। दाहिने पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसका एक साथी चित्राहाट थाना क्षेत्र के कचौरा निवासी यतेंद्र यादव मौके से फरार हो गया। 

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मुठभेड़ में स्वाट का सिपाही सुदर्शन भी घायल हुआ है। मलपुरा क्षेत्र में दक्षिणी बाईपास से मंगलवार रात को बदमाशों ने यात्रियों से भरी बस का अपहरण किया था। बुधवार को सुबह छह बजे चालक और परिचालकों ने मलपुरा थाने में घटना की सूचना दी।

इस मामले में परिचालक रामविशाल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती और अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस की जांच में जैतपुर निवासी प्रदीप गुप्ता का नाम सामने आया।

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आगरा बस हाईजैक: क्या है पूरा मामला
गुरुग्राम से 34 सवारियां लेकर निकली डबलडेकर बस बुधवार को कब्जे की नीयत से आगरा से हाईजैक कर ली गई थी। घटना को एआरटीओ के दलाल प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा ने अंजाम दिया। बुधवार को खाली बस बलरई के एक ढाबे के पास खड़ी मिली।

गुड्डा को पकड़ने के लिए दोनों जिलों की पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक कल्पना ट्रैवल्स, ग्वालियर के मालिक पवन अरोड़ा ने बस का रजिस्ट्रेशन इटावा एआरटीओ से करवाया था।

उस वक्त प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा इस कार्यालय का सबसे बड़ा दलाल हुआ करता था। पवन अरोड़ा को बस खरीदवाने में आर्थिक मदद के साथ ही उसने परमिट भी दिलवाया था। तीन दिन पहले पवन के पिता की कोरोना से मौत हो गई।

इसकी जानकारी होने पर गुड्डा ने बस को हड़पने का साजिश रच डाली। मंगलवार को बस गुरुग्राम से सवारियां लेकर पन्ना के लिए निकली। इसकी जानकारी होते ही गुड्डा साथियों को लेकर काले रंग की एसयूवी से आगरा पहुंच गया।

यहां जैसे ही बस अड्डे से बस निकली, उसने हाईजैक कर लिया। चालक और परिचालक को उसने एसयूवी में बैठाकर सवारियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया था। बस लेकर गुड्डा इटावा पहुंचा। बताते हैं कि तब तक उसे पुलिस के सक्रिय होने की सूचना मिल गई। खतरा भांप उसने बस को बलरई में हाईवे के किनारे राजस्थानी फौजी ढाबे पर छोड़ दिया और भाग निकला था।
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