अस्पताल में भर्ती आरोपी प्रदीप गुप्ता
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इटावा में आरटीओ के दलाल और बस हाईजैक करने के आरोपी प्रदीप गुप्ता उर्फ गुड्डा पर गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी। उसका गैंग रजिस्टर्ड किया जाएगा। फरार साथियों पर इनाम घोषित होगा। उसकी पूरी कुंडली खंगाली जाएगी, जिससे अपराध से अर्जित संपत्ति का पता किया जा सके। इसे जब्त कराया जाएगा। यह निर्देश आईजी रेंज ए सतीश गणेश ने एसएसपी बबलू कुमार को दिए हैं।
आगरा रेंज के आईजी ए सतीश गणेश ने बताया कि प्रदीप गुप्ता की 40 से अधिक बस चलने की जानकारी मिली है। वो आरटीओ का दलाल भी रहा है। उसकी संपत्ति के बारे में आयकर से पता किया जा रहा है। वार्षिक आय के स्रोत के बारे में पता किया जा रहा है। इसके लिए एसएसपी को निर्देश दिए हैं।
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उसके गुर्गों के नाम पर कितनी बसें चल रही हैं, इसके लिए आरटीओ से पता किया जाएगा। अवैध रूप से अर्जित संपत्ति और बसों को गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) में जब्त करने की कार्रवाई होगी। उसके संपर्क के लोगों के बारे में भी पता किया जा रहा है।
धौलपुर भागने की फिराक में था आरोपी
बस हाईजैक करने के मामले में गिरफ्तार किया गया आरोपी प्रदीप धौलपुर भागने की फिराक में था। वह दूसरे मामले में जेल जाने की तैयारी कर चुका था। उसे पता चल गया था कि बस मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। अब उसका बच पाना बहुत ही मुश्किल है। पुलिस उसे ढूंढ रही है। ऐसे में उसने बचने के लिए धौलपुर जाने की तैयारी की थी। मगर, इससे पहले ही पकड़ लिया गया।
पांच टीमें कर रही थीं आरोपी की तलाश
सुबह दस बजे आरोपी प्रदीप गुप्ता की पहचान होने के बाद पांच टीमों को गिरफ्तारी के लिए लगाया गया था। क्राइम ब्रांच, स्वाट और सर्विलांस टीम को भी लगी थीं। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद एक टीम का नेतृत्व कर रहे थे। सीओ फतेहाबाद विकास जायसवाल ने प्रदीप गुप्ता को पहचान लिया था। इटावा में जेल जाने के दौरान वह तैनात रहे थे।
साथियों के बताए नाम
आरोपी प्रदीप गुप्ता ने पुलिस की पूछताछ में अपने साथियों के नाम बताए हैं। इनमें नरेंद्र यादव, पंकज यादव, श्रवण यादव, संजय, बंटू, यतेंद्र यादव हैं। चार और आरोपी थे। उनके नाम भी मिल गए हैं। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
लोगों की रकम का कर रहा था तगादा
प्रदीप गुप्ता ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि बस मालिक अशोक अरोरा पर 67 लाख रुपये का कर्जा था। उसने कई लोगों से अशोक अरोरा को रकम दिलवाई थी। प्रदीप से लोग रकम मांग रहे थे। अशोक अरोरा की मौत हो गई।
उसे पता था कि बेटा आसानी से रकम नहीं देगा। अशोक पर साढ़े छह लाख रुपये प्रदीप के थे। तगादा करने पर भी अशोक के बेटे ने कोई जवाब नहीं दिया। इसलिए बस को ले जाना चाहता था। सोचा था कि बस मिल जाएगी तो खुद चलवाएगा। रकम मिलने पर ही लौटाएगा।