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बस हाईजैक प्रकरण के पीछे 67 लाख का विवाद, आरोपी ने उगला सच, ऐसे रची थी साजिश

Fri, 21 Aug 2020 12:52 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • आरोपी प्रदीप गुप्ता की 40 बसें, 20 इटावा-दिल्ली रूट पर 
  • दलाल ने साथियों के नाम पर भी ली थी गाड़ियां
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बस हाईजैक मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बस हाईजैक प्रकरण के मुख्य आरोपी प्रदीप गुप्ता ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि बस मालिक अशोक अरोरा उसका परिचित था। उनकी सभी बसों को टैक्स वो ही जमा किया करता था। इसके 67 लाख रुपये अशोक अरोरा पर निकल रहे थे। वो तगादा कर रहा था।

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इसी बीच अशोक अरोरा की कोरोना से मौत हो गई। इस पर उसने एक दिन पहले भी बस को सैंया टोल प्लाजा के पास से हाईजैक करने की कोशिश की थी।  मगर, बस गुरुग्राम के लिए निकल गई। वह गुरुग्राम भी गया, लेकिन बस रोक नहीं सका। इसके बाद आगरा में रोकने का प्लान बनाया। 


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न्यू दक्षिणी बाईपास पर पीछा करके बस को रोक लिया। बस को फाइनेंस कर्मी बनकर ले गए। सवारियों को दूसरी बस में बैठा दिया। पुलिस की कार्रवाई का पता चलने पर छिप गया था। घटना करने वह अपने आठ साथियों के साथ आया था। चार साथियों ने बस की लोकेशन दी थी।

पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज

इस मामले में बुधवार को सुबह छह बजे चालक और परिचालकों ने मलपुरा थाने में घटना की सूचना दी थी। मामले में परिचालक रामविशाल की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ डकैती और अपहरण की धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस को सीसीटीवी कैमरे के फुटेज मिले थे। रातभर पुलिस दबिश देती रही।  

गुड्डा की 40 बसें, 20 इटावा-दिल्ली रूट पर 

अस्पताल में भर्ती आरोपी प्रदीप गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
इटावा में आरटीओ के दलाल प्रदीप गुप्ता की 40 से अधिक बस चलती हैं। इनमें 20 बसें इटावा-दिल्ली रूट पर दौड़ रही हैं। इन बसों को प्रदीप ने अपने और साथियों के नाम पर खरीद रखा है। अब पुलिस बसों के मालिक और परमिट के बारे में आरटीओ की मदद से जांच करेगी।

एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि प्रदीप ने बस को हाईजैक करके ले जाने की बात कही है।  उसने पूछताछ में बताया कि वह बस को कुतकपुर ले गया था। यहां सवारियों को दूसरी बस में शिफ्ट कर दिया था। 

इसके बाद खुद अपने साथियों के साथ जैतपुर और चित्राहाट चला गया। सुबह पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर साथी भिंड और इटावा चले गए। प्रदीप भी भागने की फिराक में था। मगर, फतेहाबाद में पुलिस की घेराबंदी में पकड़ा गया।
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परमिट की जांच कराएगी पुलिस

एसएसपी ने बताया कि उसका कहना था कि बस को रुपयों के चक्कर में ले गया था। उसकी संपत्ति की जानकारी मिली है। तकरीबन 20 से अधिक बसें इटावा-दिल्ली रूट पर चलती हैं। इन बसों के परमिट हैं या नहीं, यह पता किया जा रहा है।

गाड़ियां किन किन लोगों के नाम पर हैं, यह भी पता किया जा रहा है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा भी अन्य रूट पर गाड़ियां चलने की जानकारी मिली है। पुलिस जांच में जुटी है।
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