आगरा में एससी एसटी एक्ट में बदलाव के विरोध में हुई में उपद्रवियों का एक और अमानवीय चेहरा सामने आया है। ग्वालियर रोड पर झांसी के उस प्रापर्टी डीलर तक को नहीं बख्शा गया जो अपनी पत्नी का शव लेकर जा रहा था।
उसने उपद्रवियों के आगे हाथ भी जोड़े लेकिन वे नहीं पसीजे। प्रॉपर्टी डीलर के भतीजे को तो इतना पीटा कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बाद में पुलिस ने इस परिवार को निकाला।
अब इस मामले में रिपोर्ट दर्ज किए जाने की तैयारी है। पीड़ित परिवार से तहरीर देने के लिए कहा गया है। सोमवार को ग्वालियर रोड पर भारी बवाल हुआ था। झांसी के सीपरी बाजार निवासी योगेंद्र सिंह यादव प्रापर्टी डीलर हैं।
पत्थरबाज
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उनकी पत्नी जया को कैंसर था। दिल्ली के एम्स में जया की मौत हो गई थी। सोमवार शाम को वह शव लेकर झांसी जा रहे थे। योगेंद्र के साथ उनकी भाभी संगीता और भतीजा भरत के अलावा चालक भी था।
शाम सात बजे ग्वालियर रोड पर आए थे तो उपद्रवियों ने उन्हें घेर लिया। गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया। योगेंद्र ने शव ले जाने की बात कहीं, लेकिन वे नहीं माने।
योगेंद्र ने उनके हाथ जोड़े, उन्हें बताया कि गाड़ी में पत्नी का शव है, लेकिन उन्होंने रास्ता नहीं छोड़ा। इसी बीत योगेंद्र के भतीजे ने कहा कि इतनी बेरहमी क्यों दिखा रहे हैं? इसी बात पर उसकी पिटाई कर डाली।
दर्ज होगा मुकदमा
इतना पीटा कि उसे नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस पूरे मामले की जानकारी होने पर फोर्स वहां पर पहुंची। पुलिस ही भरत को अस्पताल लेकर गई।
उसके प्राथमिक उपचार के बाद ही परिवार झांसी के लिए रवाना हो सका। सदर थाना पुलिस का कहना है कि योगेंद्र से तहरीर मंगवाई जा रही है। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
रावली पर उपद्रवियों ने स्कूटी से छात्रा को खींचने की कोशिश की थी। वह भाई के साथ पेपर देने जा रही थी। उसे एसएसपी अमित पाठक ने बचाया था। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था।