फिरोजाबाद मंगलवार को देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 489 के बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। देश में दूसरे नंबर पर आगरा (472)और तीसरे नंबर पर वृंदावन (454) रहा, जहां की हवा सबसे खराब रही है।
आगरा, फिरोजाबाद और मथुरा ताज ट्रिपेजियम जोन में शामिल हैं, जहां ताजमहल को प्रदूषण से बचाने के नाम पर 25 वर्षों से उद्योग, वाहनों, ईंधन आदि पर प्रतिबंध लगा रखा है। ये तीनों शहर देश में प्रदूषण के केंद्र बिंदु बन गए हैं। देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में से 8 उत्तर प्रदेश के हैं। मंगलवार को फिरोजाबाद में पीएम 2.5 कणों की मात्रा 500 के पार रही। यही हाल ताजमहल का रहा, जहां पीएम कण 500 से ज्यादा पाए गए। कार्बन मोनोऑक्साइड की मात्रा भी सामान्य से 36 गुना तक ज्यादा बनी रही।
तत्काल नियंत्रण की जरूरत
ताज ट्रिपेजियम जोन के तीनों जिलों में प्रदूषण खतरनाक बना हुआ है। मौसम के साथ मानव जनित कार्यों से ये विकराल हालात हुए हैं, जिन पर तत्काल नियंत्रण की जरूरत है। धूल, जाम और कचरा जलाने पर बेहद सख्त कार्रवाई करनी होंगी। बोर्ड ने अपनी सिफारिशें भेज दी हैं। - कमल कुमार, वैज्ञानिक एवं प्रभारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
शहर एक्यूआई
फिरोजाबाद 487
आगरा 472
वृंदावन 454
गाजियाबाद 451
बागपत 442
हापुड़/मेरठ 433
फरीदाबाद 430
नोएडा 428
बल्लभगढ़ 412
ग्रेटर नोएडा 412
घर से बाहर न निकलें बच्चे, बुजुर्ग और मरीज
ताजनगरी की हवा देश में सबसे खराब होने के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार को संवेदनशील वर्ग के लिए एडवाइजरी जारी की है। दमा व सांस रोगियों के अलावा बीमार, बच्चे और बुजुर्गों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। वायु प्रदूषण की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ तो प्रशासन निर्माण व अन्य गतिविधियों पर रोक लगा सकता है।
ताजनगरी की हवा देश में सबसे खराब होने के बाद जिला प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है, जो बीमार हैं वह घर से बाहर न निकलें। बच्चे व बुजुर्ग भी घर के अंदर ही रहें। सुबह और शाम टहलने से बचें। कामकाजी लोग घर से बाहर मास्क लगाकर ही निकलें। डीएम ने कहा शहर में जिन स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहे हैं। वहां सत्यापन कराया जा रहा है। पानी का छिड़काव व अन्य मानक पूर्ण नहीं करने वाले विभाग डिफॉल्टर घोषित किए जाएंगे। उनसे पर्यावरण को क्षति पहुंचाने के एवज में जुर्माना वसूला जाएगा। डीएम ने बताया कि काला धुआं फेंक रहे 15 साल पुराने वाहनों की धरपकड़ मंगलवार से शुरू हो गई है। एआरटीओ प्रवर्तन व क्षेत्राधिकारी ट्रैफिक की निगरानी में टीमें बनाई हैं। दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) से डिफॉल्टर विभागों की रिपोर्ट मांगी है। आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होने पर ईंट भट्टो, निर्माण व अन्य गतिविधियों पर भी रोक लगाई जा सकती है।
कूड़ा जलाने वालों को करें चिह्नित
डीएम प्रभु एन ने बताया कि शहर में कई स्थान ऐसे जहां कूड़ा जलाया जाता है। नगरायुक्त से ऐसे स्थानों को चिह्नित कराया जा रहा है। कूड़ा जलाने वालों के विरुद्ध नगर निगम द्वारा जुर्माना के अलावा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दावा: ये कदम उठाए जा रहे
- फुटपाथ से धूल को झाड़ूू से साफ नहीं किया जाएगा।
- एमजी रोड पर सड़कों की सफाई मशीनों से होगी।
- निर्माण कार्यों में मानकों के उल्लंघन पर जुर्माना।
- निर्माण स्थलों पर दिन में तीन बार पानी छिड़काव।
- खोदाई वाले स्थनों से मिट्टी के ढेरों का उठान होगा।
- कूड़ा जलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई।