आगरा की हवा में लगातार जहर घुलता रहा है। हर सांस के साथ जहरीले तत्व फेंफड़ों में जाकर लोगों को बीमार कर रहे हैं। गुरुवार को ताजनगरी की हवा और खराब हो गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी एयर क्वालिटी इंडेक्स में आगरा का सूचकांक 449 पर पहुंच गया है।
जो बेहद खतरनाक है। दिल्ली में इस स्तर पर ऑड-ईवन, स्कूलों की छुट्टियां, पानी का छिड़काव, ट्रकों पर रोक जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन आगरा में ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी हाथ पर हाथ रखे बैठी है। एक्शन प्लान तो दूर, स्मॉग की जहरीली चादर कम करने पर विचार भी नहीं किया जा रहा है।
दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान तैयार किया गया है। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी ने हवा की गुणवत्ता खराब होने पर जिन कदमों को उठाने की संस्तुति की है। वह संगमरमरी ताजमहल को बचाने के लिए आगरा को भी उठाने की जरूरत है, जबकि यहां पीएम कणों की संख्या 300 से कहीं ज्यादा 500 को पार कर चुकी है।
10 सबसे प्रदूषित शहरों में 6 उत्तर प्रदेश के
जहरीली हवा
- फोटो : SOCIAL MEDIA
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 499
गुड़गांव 494
नोएडा 487
दिल्ली 486
फरीदाबाद 482
लखनऊ 468
भिवाड़ी 468
आगरा 449
कानपुर 436
मुरादाबाद 414
ये हाल तब, जब आगरा में ये चुके हैं बंद
धुंध
- फोटो : अमर उजाला
- बिजलीघर, यमुना ब्रिज पावर स्टेशन हो चुके बंद
- रेलवे के कोयले की जगह डीजल के यार्ड बनाए
- 213 प्रदूषणकारी फैक्ट्रियों को बंद कराया गया
- 450 ईंट-भट्ठे ताज ट्रिपेजियम जोन में बंद हुए
- कोयला आधारित फैक्ट्रियों को टीटीजेड से बाहर भेजा
- मथुरा रिफाइनरी में सल्फर रिकवरी यूनिट की स्थापना
- ताज के 500 मीटर दायरे में डीजल-पेट्रोल के वाहन बंद
- अल्ट्रा लो सल्फर डीजल की टीटीजेड में सप्लाई की गई
- डीजल के लोडिंग टेंपो, ऑटो का संचालन बंद किया गया
- 90 हजार किग्रा सीएनजी प्रतिदिन की क्षमता बढ़ाई गई