एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि दो गोदाम पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में सैंपल की दवाएं पकड़ी गई हैं। दवाओं की कीमत बाजार में तकरीबन एक करोड़ के आसपास है। जांच की जा रही है। संचालक से पूछताछ की जा रही है। औषधि विभाग की टीम को भी बुलाया गया है। पूरे नेटवर्क के बारे में पता चला किया जा रहा है।
150 तरह की हैं दवाएं
एसटीएफ निरीक्षक ने बताया कि दोनों गोदाम से 150 तरह की दवाएं मिली हैं। सौ से अधिक बोरे भर गए। इनमें टेबलेट, सीरप, इंजेक्शन हैं। दवाओं में विटामिन, दर्द निवारक, हृदय रोग, किडनी रोग, अस्थमा, बुखार, खांसी आदि से संबंधित हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार की किट भी शामिल हैं।
पूछताछ में पता चला कि यह सैंपल की दवाएं महाराष्ट्र से आती हैं। इसके बाद दुकानों पर सप्लाई की जाती हैं। सभी दवाएं नामी कंपनियों की है। आशंका है कि सैंपल की दवाओं पर कीमत की पर्ची लगा दी जाती है। क्योंकि सैंपल की दवाओं पर कीमत नहीं लिखी होती है। बाजार में बेचने के लिए कीमत लिखी होना आवश्यक है।
मरीजों को डाक्टर के माध्यम से दी जाती हैं दवाएं
पुलिस का कहना है कि सैंपल की दवाओं को फार्मा कंपनी की तरफ से डाक्टरों को उपलब्ध कराया जाता है। इसके बाद डाक्टर मरीजों को अपनी तरफ से दवाएं देते हैं। मगर, यह दवाएं डाक्टरों के पास नहीं पहुंची थीं।
मकान मालिक से पूछताछ
मकान मालिक बासुदेव अपने परिवार के साथ रहते हैं। उन्होंने बताया कि सोनू अग्रवाल को चार महीने पहले कमरे किराये पर दिए थे। खुद को दवा कारोबारी बताया था। इस बात की जानकारी नहीं थी कि दवाएं सैंपल की हैं।
एसटीएफ की मदद से दो गोदाम पकड़े गए हैं। इनमें 150 तरह की दवाएं मिली हैं। आठ दवाओं के सैंपल लिए गए हैं। दोनों गोदाम पर कार्रवाई लगातार की जा रही है। सौ से अधिक बोरों में दवाएं भर ली गई हैं।
- राजकुमार शर्मा, औषधि निरीक्षक