आगरा में 10 साल पुरानी रोडवेज की 147 साधारण बसें सात मार्च से आगरा से दिल्ली और एनसीआर रूट पर संचालित नहीं होंगी। इससे दिल्ली, एनसीआर रूट पर चलने वाली बसें 58 ही रह जाएंगी। दैनिक यात्रियों की मानें तो इससे बस स्टैंडों पर हर घंटे पर दिल्ली की बसें नहीं मिल पाएंगी। उन्हें प्राइवेट गाड़ियों से सफर करना पड़ेगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 10 साल पुरानी रोडवेज बसों को चलाने पर प्रतिबंध है। ऐसे में परिवहन निगम के आगरा परिक्षेत्र से नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, परी चौक, दिल्ली के आनंद विहार और सराय काले खां बस टर्मिनल पर जाने वाली 10 साल या इससे अधिक पुरानी 147 बसों को सात मार्च से हटा लिया जाएगा। आरएम मनोज पुंढीर ने बताया कि दिल्ली की बसें हटाने के बाद हर तहसील से एक रोडवेज बस दिल्ली के लिए बढ़ाई है। कमी महसूस होने पर बसें बढ़ाएंगे।
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सहजता से नहीं मिलेंगी बसें
दिल्ली जाने के लिए सहजता से उपलब्ध होने वाली बसों का इंतजार करना पड़ेगा, क्योंकि आईएसबीटी और ईदगाह से बसें कम हो जाएंगी। -मयंक कुमार, दैनिक यात्री
नौकरी पेशा वालों को मुश्किल होगी
नौकरी के लिए काफी संख्या में लोग सुबह नोएडा, दिल्ली आवागमन करते हैं। एनसीआर रूट पर बसों के कम होने पर परेशानी उठानी पड़ेगी। -राजेश, दैनिक यात्री
वाया एक्सप्रेसवे किराया ज्यादा है
यमुना एक्सप्रेसवे से होकर दिल्ली, नोएडा जाने वाली बसों में किराया ज्यादा है, जबकि वाया एनएच-2 होकर बसों में प्रति सवारी 25 रुपये का अंतर है। ऐसे में इस मार्ग पर बसें कम होने से ज्यादा किराया देना होगा। -मुकेश, दैनिक यात्री
अब इन रूटों पर चलेंगी
अब इन बसों का संचालन फिरोजाबाद, एटा, जलेसर, कचौराघाट, फतेहपुर सीकरी, अलीगढ़, कोसीकलां आदि रूटों पर किया जाएगा।
111 बसें देहात के रूटों पर दौड़ेंगी
इसके अलावा आठ से दस साल पुरानी 111 बसों का संचालन भी सात मार्च से शुरू किया जाएगा। इन रूटों में आगरा से जगनेर-तांतपुर के लिए ईदगाह से 24 बसें, आगरा से फिरोजाबाद के लिए ताज डिपो की 12, मथुरा से टूंडला 12, आगरा से जलेसर आठ, आगरा से अलीगढ़ 10, बिजलीघर से फतेहाबाद, शमसाबाद से छह, ईदगाह से फतेहाबाद, शमसाबाद भी छह बसों का संचालन किया जाएगा। इस तरह यह 111 बसें इन देहात केे रूटों पर संचालित होंगी।