आगरा में अब हर गांव में कचरा, तरल व प्लास्टिक प्रबंधन होगा। पहले चरण में 100 दिन में 133 गांवों में कार्य योजना बनाकर मुहिम को अंजाम दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को विकास भवन में ओडीएफ प्लस के लिए बीडीओ, एडीओ व सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें कचरा व प्लास्टिक प्रबंधन से गांव को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य मिला है।
मुख्य विकास अधिकारी ए मनिकन्डन ने बताया कि प्लास्टिक के लिए गांव में गड्ढे बनाए जाएं। उन्होंने प्लास्टिक, कचरा निस्तारण के लिए प्लांट लगाने व उनसे आय अर्जित करने का तरीका सिखाया। जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. नीतेश भोंडेले ने बताया कि पहले चरण में 133 गांवों को 100 दिन में ओडीएफ प्लस किया जाएगा। ये ऐसे गांव हैं जहां आबादी पांच हजार से अधिक है। प्रधान व गांव के लोग मिलकर बैठक करेंगे। फिर गांव को कैसे ओडीएफ बनाना है, क्या क्या कार्य करने हैं उसकी कार्य योजना बनेगी। कार्य योजना के लिए 70 फीसदी बजट एसबीएम व 30 फीसदी बजट ग्राम सभा खर्च करेगी। प्रबंधन के बाद जो आय होगी उससे गांवों में विकास कार्य कराए जाएंगे।
पांच हजार से अधिक आबादी के गांव ओडीएफ प्लस होंगे। कार्य योजना बनाने के लिए कूड़ा प्रबंधन पर प्रति व्यक्ति 45 रुपये और तरल प्रबंधन पर प्रति व्यक्ति 660 रुपये खर्च का आकलन करते हुए बजट बनेगा। इस बजट में 70% स्वच्छ भारत मिशन व 30% राशि ग्राम सभा को खर्च करनी होगी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक महीने का समय लगेगा।
- कचरा व कूड़ा प्रबंधन के लिए गांवों में सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाए जाएंगे।