शाम को कुछ देर राहत मिली, रात को फिर थम गया ट्रैफिक
जैसे बारिश ने रिकार्ड बनाया, वैसे ट्रैफिक जाम भी रिकार्डतोड़ रहा। सुबह से शाम तक पूरा शहर इस मुसीबत से जूझता रहा। शाम को थोड़ी देर के लिए राहत मिली लेकिन रात होते ही फिर से हालात बिगड़ गए। क्या एनएच-2 और क्या एमजी रोड सब के सब बुरी तरह जाम रहे। कहीं सड़कों पर भरे लबालब पानी ने शहर की रफ्तार रोके रखी, तो कहीं पब्लिक के गुस्से ने ट्रैफिक को जाम रखा।
एनएच-2 पर हाल बेहाल
- सबसे बुरा हाल एनएच-2 पर रहा। सिकंदरा से लेकर टेढ़ी बगिया तक हजारों वाहन फंसे रहे। 10 मिनट का सफर दो घंटे में पूरा हुआ। भगवान टाकीज, सुल्तान गंज की पुलिया, खंदारी, गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने सबसे खराब स्थिति रही। आधा आधा घंटा तक तो वाहन हिल भी न पाए।
सिकंदरा में फंसे पर्यटक
- जाम ने पर्यटकों को परेशान किया। किला और ताजमहल पर पर्यटक बहुत कम पहुंच पाए। सिकंदरा में भी यही सीन रहा। यहां पर्यटक स्मारक के नजदीक पहुंचकर भी स्मारक तक पहुंचने के लिए परेशान रहे। गुरुद्वारा गुरू का ताल से स्मारक की दूरी पांच मिनट की है लेकिन जाम के चलते एक से डेढ़ घंटा रहा।
लाइफ लाइन भी थमी रही
एमजी रोड पर सुबह जाम लगा जलभराव के कारण। आफिस खुलने के समय रोड जाम हो गई। इसके बाद नालबंद में किशोर के डूब जाने से लोगों ने जाम लगा दिया। यह ढाई बजे खोला गया लेकिन वाहन देर शाम छह बजे तक फंसे रहे।
मदिया कटरा पर हालत पतली
शहर में ट्रैफिक जाम के जितने भी प्वाइंट हैं, उससे ज्यादा पर जाम लगा। मदिया कटरा और दिल्ली रोड वैसे ही जाम के लिए बदनाम है। सोमवार को तो यहां वाहन चालकों की हालत पतली हो गई। सड़क लबालब थी और ट्रैफिक थमा हुआ था।
बिजली घर पर गिरे वाहन
प्रतापपुरा बिजली घर पर पानी इतना भर गया कि वाहनों का निकालना मुश्किल हो गया। कार और बाइक बंद हो गए। धक्का लगाना पड़ा। कई वाहन तो गड्ढ़ों में गिर गए। पता ही नहीं चल रहा था कि सड़क कहां और नाला कहां।
गली-मुहल्लों तक में जाम
मदिया कटरा, एमजी रोड, गुरुद्वारा गुरु का ताल के सामने लोग जाम से बचने के लिए गली-मोहल्लों से होकर निकले। नतीजा यह हुआ कि इनमें भी जाम लग गया। कमला नगर में तो पूरे दिन जाम की स्थित रही। लायर्स कालोनी में भी यही सीन था।
सुबह :
तेज बारिश के बाद शहर में ट्रैफिक जाम शुरू हुआ। जलभराव में वाहन फंसते रहे। स्कूल बस आई तो हालात और बिगड़ गए।
दोपहर :
एमजी रोड पर बच्चे की मौत पर बवाल हुआ। इससे ट्रैफिक जाम के हालात और बिगड़ गए। एमजी रोड बंद होने का असर पूरे शहर पर पड़ता है।
शाम :
पानी उतर गया। एमजी रोड पर बवाल भी थम गया। इसके चलते जाम से कुछ राहत मिल गई। एनएच-टू पर भी जाम नहीं रहा।
रात :
शाम को मौसम सुहाना था। लोग वाहन लेकर घूमने निकले। इसका नतीजा यह हुआ कि एनएच-2 पर ट्रैफिक फिर से जाम हो गया।
मेले के भीड़ ने बढ़ाई मुसीबत
खंदारी केनगला बूढ़ी में शीतला माता के मंदिर पर लगे मेले में भारी भीड़ रही। इसके चलते जाम की स्थिति और बिगड़ गई। खंदारी, लायर्स, कालोनी, कमला नगर तक इसका असर रहा।
कहीं नजर नहीं आई ट्रैफिक पुलिस
शहर जाम से जूझता रहा लेकिन ट्रैफिक पुलिस कहीं नजर नहीं आई। ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम जगहों पर भी कोई इंतजाम नहीं किए गए थे। चार दिन में तीसरी बार इस तरह के जाम की स्थिति बनी। हालांकि इस बार सबसे ज्यादा देर के लिए जाम लगा। मदिया कटरा, देहली गेट, नालबंद चौराहा, सुल्तानगंज की पुलिया, भगवान टाकीज ऐसी जगह हैं, जहां आए दिन ट्रैफिक जाम लगता है।
एनएच-2 के चौड़ीकरण का काम चल रहा है। फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। इसके चलते सड़क संकरी हो गई है। ट्रैफिक का पूरा भार सर्विस लेन पर है। मालवाहक ट्रक भी इसी पर चल रहे है। इसके चलते ट्रैफिक जाम हो रहा है। ऐसे में बेहद जरूरी है कि वाहन सही लेन में चलें। जब ट्रैफिक पुलिस तैनात रहती है, तो लोग जाम की सूरत में वाहनों को आड़ा तिरछा करके निकालने की कोशिश नहीं करते।
इससे जाम लगता भी है तो ज्यादा देर केलिए नहीं। गुरुद्वारा गुरू का ताल के सामने ट्रैफिक पुलिस का बूथ भी है। यहां भी कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। वैसे भी ट्रैफिक पुलिस का जोर इन दिनों चालान काटने पर ज्यादा है। और ट्रैफिक को जाम होने से बचाने पर कम। जाम की समस्या पर पुलिस अफसरों ने भी ध्यान नहीं दिया।