पोस्टमास्टर के हटने के बाद अब निष्पक्ष जांच की जगी उम्मीद
- दो दिन बाद भी कार्यमुक्त नहीं हो सके
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। गबन के साथ ही अन्य विवादों में घिरे प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया है। इससे लोगों में अब निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है। लेकिन अब तक उन्हे कार्यमुक्त नहीं किया गया है।
प्रधान डाकघर मैनपुरी में बड़े पैमाने पर खातों से गबन सामने आया था। जुलाई 2023 के बाद से अब तक लगातार मामले सामने आ रहे हैं। इस पूरे गबन में प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर विवेक प्रताप राठौर की भूमिका संदेह के घेरे में थी। खाताधारकों के साथ ही समाजसेवी संगठनों ने भी उन्हें हटाने की मांग की थी। उनका आरोप था कि पोस्टमास्टर के पद पर रहते गबन की निष्पक्ष जांच संभव नहीं हो सकेगी।
इसके अलावा उन पर अन्य कई आरोप भी लगे थे, जिनकी शिकायत पीएमजी कार्यालय को की गई थी। इसी बीच दो दिन पहले आखिरकार पोस्ट मास्टर विवेक प्रताप को मैनपुरी से हटाकर फिरोजाबाद भेजा दिया गया। खाताधारकों को लगा कि अब उनकी जांच निष्पक्षता से होगी। इसीलिए सोमवार को भी प्रधान डाकघर में खाताधारक जानकारी करने के लिए पहुंचते रहे। विवेक प्रताप के कार्यमुक्त नहीं होने के चलते वे मायूस ही लौट आए। वहीं अधिकारी जल्द ही उन्हें कार्यमुक्त करने की बात कहकर खुद को बचाते नजर आ रहे हैं।
अभिलेखों में हेरफेर की भी आशंका
डाककर्मियों को भी पोस्टमास्टर के स्थानांतरण के बाद भी कार्यमुक्त न किए जाने से चिंता सता रही है। दरअसल प्रधान डाकघर में गबन की जांच चल रही हैं, ऐसे में अभिलेखों से भी छेड़छाड़ की जा सकती है।