बीएड के दो वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आए प्रश्न पत्र को देख में परीक्षार्थियों के चहरे भले ही खिल गए हों, लेकिन सरकारी कालेज में प्रवेश पाने का रास्ता उतना ही कठिन हो गया है। पिछले सालों के मुकाबले इस बार प्रश्न आसान आए थे। रिजनिंग हल करने में परीक्षार्थी नहीं उलझे और न ही सामान्य ज्ञान के प्रश्न का जवाब देने में माथापच्ची करनी पड़ी। पेपर आसान आने पर मेरिट हाई जाने की उम्मीद है। ऐसे में सरकारी कालेज में प्रवेश के लिए कंपटीशन उतना की कड़ा हो गया है। विशेषज्ञ डा. संजीव शर्मा ने बताया कि 15-20 फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे हैं। सीट भी ज्यादा हैं, ऐसे में काउंसलिंग में शामिल होने वालों को प्रवेश तो आसान है, लेकिन असल मारामारी सरकारी कालेजों में प्रवेश की होगी। सामान्य वर्ग का छात्र 80-90 फीसदी अंक लाने, ओबीसी में 70-80 और एससी में 60-70 फीसदी अंक लाने पर सरकारी कालेज मिलने की संभावना है।
7973 ने छोड़ी परीक्षा
दो पालियों में 7973 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। 56 सेंटरों पर हुई परीक्षा में 28105 अभ्यर्थी शामिल हुए। पहली पाली में 3971 और दूसरी पाली में 4002 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। बीएड नोडल प्रभारी प्रो. राजेंद्र शर्मा ने बताया कि सख्त निगरानी के बीच परीक्षा शांतिपूर्वक निपट गई। रिपोर्ट परीक्षा आयोजित करने वाली लखनऊ विश्वविद्यालय को भेज दी है।