आगरा के गधापाड़ा रेलवे मालगोदाम में खड़े सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाई गई। यह खुलासा सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) के निर्देश पर गठित संयुक्त जांच टीम के निरीक्षण में हुआ। आवासीय प्रोजेक्ट के लिए पेड़ों को काटने के बाद सबूत नष्ट करने के लिए इन्हें मौके पर ही जला दिया गया। पेड़ों को जलाने वाली जगह को भी जांच टीम ने कैमरे में कैद किया। मालगोदाम के निरीक्षण की ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई गई, जिसमें पेड़ों की कटी जड़ें, तने और सफाचट मैदान सामने आया है। सीईसी को यह रिपोर्ट शुक्रवार को सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार दोपहर को निरीक्षण में सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी के निर्देश पर गठित कमेटी के सदस्यों के साथ पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी डॉ. विश्वनाथ शर्मा, वन विभाग और रेलवे अधिकारी भी थे। मौके पर कटे पड़े तने और उखाड़े गए पेड़ों की जड़ें मिलीं। सेटेलाइट फोटो में जिस जगह हरियाली थी, वहां पूरा मैदान साफ कर दिया गया। जगह-जगह आग जलाकर नष्ट किए गए पेड़ों की राख मिली। बुलडोजर से पूरी जगह समतल कर दी गई थी। मालगोदाम की 90 हजार वर्ग मीटर जमीन पर बड़ी संख्या में पेड़ और झाड़ियों को साफ करने के सबूत टीम को मिले।
निरीक्षण की रिपोर्ट शुक्रवार तक सीईसी में जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट के साथ ही रेलवे, वन विभाग और उत्तर प्रदेश सरकार को अपना लिखित प्रस्तुतीकरण भी दाखिल करना होगा। उसके बाद सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी के सदस्य मालगोदाम साइट का दौरा करने के लिए आएंगे।
उड़ते ही खराब हो गया ड्रोन, दूसरा मंगवाया
टीम ने वीडियोग्राफी के लिए ड्रोन उड़ाया, पर वह खराब हो गया। इस पर दूसरा ड्रोन मंगवाया गया, जो 1 घंटे बाद आया। तब तक टीम ने प्रत्यक्षदर्शियों से बात की, जिन्होंने बताया कि रात में लाइटें जलाकर पेड़ों को काटा गया। होली की तरह लकड़ियों में आग लगाई गई। दो सप्ताह तक बुलडोजर से मालगोदाम में पेड़ उखाड़े गए। पेड़ काटने वालों के साथ पुलिस भी रहती थी, जो छतों पर लोगों को नहीं आने देती थी।
77,225 वर्ग मीटर में थी हरियाली, अब सब साफ
टीम के सदस्य डॉ. शरद गुप्ता ने बताया कि सेटेलाइट की तस्वीरों में 90 हजार में से 77,225 वर्ग मीटर जमीन पर हरियाली दिख रही है। मौके पर मैदान साफ है। पूरी हरियाली गायब है। सेटेलाइट की पुरानी और नई तस्वीरों का मिलान कराकर काटे गए पेड़ों की असल संख्या पता की जाएगी। यहां तालाब और नाला भी मिला है।