'राजनीतिक कमजोरी से बेंच स्थापित नहीं हुई'
आगरा बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता देवेंद्र बाजपेई ने कहा कि उच्च न्यायालय की खंडपीठ आगरा का अधिकार है। राजनीतिक कमजोरी के चलते आज तक बेंच की स्थापना नहीं हो सकी। जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया। यह जनता के साथ विश्वासघात है।
'सस्ते-सुलभ न्याय के लिए खंडपीठ जरूरी'
यूनाइटेड बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि जनता को सस्ता और सुलभ न्याय मिल सके, इसके लिए खंडपीठ की स्थापना होना बहुत आवश्यक है। अन्य प्रदेशों में 300 किलोमीटर के अंदर खंडपीठ बनी हुई हैं। जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट आगरा के पक्ष में है।
'खंडपीठ आगरा का अधिकार है, हमें मिले'
आगरा बार एसोसिएशन के सचिव रामप्रकाश शर्मा ने कहा कि उच्च न्यायालय खंडपीठ आगरा का अधिकार है, जिसकी संस्तुति जसंवत सिंह आयोग ने अपनी रिपोर्ट में की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ अति आवश्यक है। इस मांग को सरकार को जल्द से जल्द पूरा करना चाहिए।
'गेंद को इस पाले से उस पाले में न उछालें'
आगरा बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि जस्टिस जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू कर केंद्र और प्रदेश सरकार को शीघ्र ही खंडपीठ की घोषणा करनी चाहिए। क्योंकि आज केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार है। पार्टी गेंद को इस पाले से उस पाले में नहीं उछाल सकती।
'चुनाव पर प्रलोभन देते हैं, गंभीर प्रयास नहीं'
आगरा बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव अनिल कुमार तिवारी ने कहा कि राजनीति के चलते अभी तक कोई भी सरकार खंडपीठ के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। चुनाव के समय मंत्रियों की ओर से प्रलोभन दिए जाते हैं। लेकिन खंडपीठ स्थापना के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
'जिले के विकास में मील का पत्थर साबित होगा'
यूनाइटेड बार एसोसिएशन के सचिव अनूप कुमार शर्मा ने कहा कि आगरा में खंडपीठ बनने से न सिर्फ जनता को जल्दी न्याय मिलेगा बल्कि आगरा सहित आसपास के जिलों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
'सत्ताधारी दल का बहिष्कार करेंगे'
युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच के लिए अधिवक्ता 50 साल से संघर्ष कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि बेवकूफ बना रहे हैं। मुद्दे पर स्पष्ट बात नहीं की तो हम सत्ताधारी दल और चुनाव दोनों के बहिष्कार को मजबूर होंगे।
'वोटों की राजनीति चल रही'
यूनाइटेड बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य रामेंद्र पचौरी ने कहा कि वोटों की राजनीति के चलते अभी तक की सरकारें खंडपीठ की मांग को नजरअंदाज करती रही हैं लेकिन अब समय रहते खंडपीठ की घोषणा आगरा में नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
'नोटा का विकल्प भी अपना सकते हैं हम'
आगरा एडवोकेट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने कहा कि आगरा के जनप्रतिनिधि हाईकोर्ट बेंच के विषय पर विफल साबित हुए हैं। हाईकोर्ट बेंच की मांग पूरा नहीं करा पाते हैं तो अधिवक्ता समाज के पास नोटा का ही विकल्प रहेगा।