कासगंज। सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने न्यायालय परिसर में अपने कार्यालय पर अधिवक्ताओं के साथ गहन चर्चा की। अधिवक्ताओं ने सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुकनी चाहिए।
विधि विभाग के चेयरमैन सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने कहा कि किशोरी को सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया गया। इससे साबित होता है कि कानून व्यवस्था का खौफ पदाधिकारियों को नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि नहर के इलाके में पुलिस की गश्त होती तो ऐसी घटना नहीं होती। कहा कि पीड़िता को शासन की ओर से 50 लाख का मुआवजा दिया जाए। आरोपियों के खिलाफ जल्द से जल्द आरोप पत्र दाखिल हो और त्वरित न्यायालय में सुनवाई हो। उन्होंने अधिवक्ताओं से अनुरोध किया कि सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों की कोई पैरवी न करे।
अधिवक्ता ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि दरिंदों को जल्द फांसी की सजा हो। इस दौरान बार के अध्यक्ष गिरिजा शंकर दुबे, इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता भानु प्रकाश गुप्ता, रामकिशोर कश्यप, राकेश गुप्ता, राजेंद्र सगर, मोहम्मद अयाज, ओम प्रकाश सिंह, सत्यवीर सिंह सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।