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एसएसपी दफ्तर के बाहर भिड़े अधिवक्ता, फायरिंग से मची अफरातफरी, पढ़ें पूरा घटनाक्रम

Sat, 21 Dec 2019 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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आरोपी अधिवक्ता की कार - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में लेखपाल संघ की हड़ताल का समर्थन न करने पर शुक्रवार को कलक्ट्रेट में एसएसपी दफ्तर के बाहर अधिवक्ता गिरीश कटारा और विजेंद्र रावत आपस में भिड़ गए। आरोप है कि विजेंद्र रावत ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग कर दी। इससे अफरातफरी मच गई।
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घटना की जानकारी पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता और थाना नाई की मंडी पुलिस पहुंच गई। इस पर फायरिंग करने वाले अधिवक्ता भाग गए। इस मामले में थाना नाई की मंडी में तहरीर दी गई है। पुलिस ने जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया है।

शुक्रवार को कलक्ट्रेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बिजेंद्र रावत ने लेखपाल संघ की हड़ताल के समर्थन में न्यायिक कार्य के बहिष्कार के संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपा था। उधर, एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन ने समर्थन न करते हुए न्यायिक कार्य करने के लिए ज्ञापन दिया था। अधिवक्ता गिरीश कटारा एडवोकेट वेलफेयर एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी हैं।
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ये आरोप लगाए

उन्होंने बताया कि शाम तकरीबन साढ़े पांच बजे वो साथी रवि चौबे के साथ अपने चैंबर के बाहर खड़े हुए थे। आरोप है कि तभी विजेंद्र रावत, उनका बेटा केके रावत सहित चार-पांच अन्य लोग आ गए। विजेंद्र रावत ने न्यायिक कार्य करने पर गाली गलौज शुरू कर दी।

विरोध करने पर अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर निकालकर दो फायर कर दिए। एक गोली रवि चौबे के कान के पास से निकल गई। वो बाल-बाल बच गए। फायरिंग की आवाज सुनकर कलक्ट्रेट में अफरातफरी मच गई। पुलिस भी पहुंच गई। इस पर विजेंद्र रावत सहित अन्य लोग भाग खड़े हुए। 

सूचना पर थाना नाई की मंडी पुलिस आ गई। पुलिस ने अधिवक्ता विजेंद्र रावत की कार को कब्जे में ले लिया। वहीं गिरीश कटारा की ओर से विजेंद्र रावत, केके रावत सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई। 

थाना नाई की मंडी के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार त्यागी ने बताया कि विजेंद्र रावत, केके रावत सहित चार अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी अधिवक्ता की कार को जब्त कर लिया है।
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'फायरिंग नहीं हुई, जूनियरों से हुआ विवाद'

विजेंद्र रावत का कहना है कि लेखपाल संघ ने अपना समर्थन मांगा था। इस पर हड़ताल रखी थी। गिरीश कटारा ने लिखकर दिया कि समर्थन नहीं करते। शाम को मैं अधिवक्ता नित्य किशोर पचौरी के चैंबर पर बैठा हुआ था। तभी गिरीश कटारा आदि लोग आ गए। 

वो विवाद करने लगे। इस पर उनके जूनियरों से विवाद हुआ था। फायरिंग की बात गलत हैं। मेरे पास लाइसेंस रिवाल्वर नहीं है। गिरीश कटारा ही रिवाल्वर लेकर आए थे। फायरिंग की बात गलत है। मामूली विवाद को बेवजह तूल दिया जा रहा है। 
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