आगरा सिकंदरा से अधिवक्ता अकरम अंसारी का अपहरण करने वाले बदमाशों ने फिरौती मांगने के लिए खेरागढ़ से सिम खरीदा था। इसके लिए दुकानदार को फर्जी आधार कार्ड दिया था। पुलिस ने सिम बेचने वाले दुकानदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
फिरोजाबाद के थाना दक्षिण स्थित राजपूताना मोहल्ला निवासी अधिवक्ता अकरम तीन फरवरी को बोदला में अपने रिश्तेदार के पास आए थे। शाम को घर जाने के लिए निकले थे। उनका अपहरण कर बदमाशों ने 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी।
जिस नंबर से कॉल आया था, पुलिस ने उसके बारे में पता किया। सिम फर्जी आईडी पर निकला। सिम खेरागढ़ के गांव भिलावटी निवासी मनोज ने बेचा था। मनोज की गांव में मोबाइल और रिचार्ज की दुकान है। पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में बताया कि सिम खरीदने के लिए आधार कार्ड दिया गया था। पुलिस ने आधार कार्ड को चेक किया तो उसमें लगा फोटो किसी का था तो नाम किसी और का था।
इस पर मनोज के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करना और आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। रविवार को आरोपी को जेल भेज दिया। आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि ज्यादा रुपये के लालच में आकर सिम बिना दस्तावेज चेक किए बेच दी थी।
बीहड़ में पुलिस का डेरा
अधिवक्ता की बरामदगी के लिए पुलिस की कई टीमें लगी हैं। राजस्थान और एमपी में पुलिस ने डेरा जमा लिया है। बीहड़ में पुलिस तलाश कर रही है।
बरामदगी को 48 घंटे का अल्टीमेटम
पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच ने अधिवक्ता अकरम अंसारी की 48 घंटे में गिरफ्तारी की मांग की है। सोमवार को बैठक भी की। अधिवक्ताओं ने कहा कि अकरम अंसारी की बरामदगी न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। बैठक में चौधरी अजय सिंह, वीरेंद्र फौजदार, दुर्ग विजय सिंह भैया, राकेश भटनागर, महेश बघेल, भारत सिंह, केसी शर्मा, विजय वर्मा आदि मौजूद रहे।