आगरा। एसएन मेडिकल कॉलेज में नई साल में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने की उम्मीद है। यहां किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट (केटीयू) तैयार हो गई है। इसमें एडवांस ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू भी बन गया है। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय (डीजीएमई) एवं स्वास्थ्य की टीम सर्वे कर रिपोर्ट बनाकर ले गई है। इसकी जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद है। इससे मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। एसएन के सुपर स्पेशियलिटी सेंटर की तीसरी मंजिल पर किडनी रोग विभाग बना है। माॅड्यूलर ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू पांचवीं मंजिल पर बना है। आईसीयू और केटीयू में 4-4 बेड हैं। आईसीयू में आधुनिक जीवनरक्षक उपकरण भी लगाए हैं। हाल ही में डीजीएमई की टीम ने केडीयू का निरीक्षण कर मानकों का आकलन किया है। इसमें ओटी, आईसीयू, चिकित्सकों की संख्या समेत अन्य जानकारी कर रिपोर्ट बनाकर ले गए हैं। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि टीम के सर्वे में सभी मानक पूरे मिले हैं। इसकी रिपोर्ट डीजीएमई के पास पहुंच गई है। किडनी ट्रांसप्लांट की अनुमति मिलने के बाद एसजीपीजीआई लखनऊ की टीम विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करेगी। शुरू के 10-15 ऑपरेशन एसजीपीजीआई के विशेषज्ञों की निगरानी में होंगे। अगले साल जनवरी में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
महीने में आते हैं किडनी ट्रांसप्लांट के 10-15 मरीज
- किडनी रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि किडनी रोग की ओपीडी में 50-60 मरीज रोज आते हैं। महीने में 10-15 मरीजों में किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है। निजी अस्पतालों में इसका खर्च 8-15 लाख रुपये तक है। महंगी सर्जरी होने से कई मरीज ऑपरेशन नहीं करा पाते हैं। एसएन में ये सेवा आयुष्मान और असाध्य रोग योजना के लाभार्थियों के लिए निशुल्क होगी। अन्य मरीजों को बेहद रियायती शुल्क में ये सुविधा मिलेगी।