राधास्वामी सत्संग सभा ने यमुना नदी के पोइया घाट पर डूब क्षेत्र में शामिल मौजा खासपुर अहतमाली में (खसरा संख्या 33 में 16 बीघा जमीन के हिस्से पर) इंटरलॉकिंग टाइल्स से सड़क का निर्माण किया है। यह सब प्रशासन की रोक के बाद हुआ है। पर, तीन दिन बीतने के बाद भी न तो एफआईआर हुई और न सड़क निर्माण रुका। राधास्वामी सत्संग सभा ने सिंचाई विभाग के नोटिस को दरकिनार कर डूब क्षेत्र में निर्माण के बाद गेट पर ताला भी डाल दिया है। प्रशासन ने सत्संग सभा से कागजात दिखाने को कहा, लेकिन सभा ने डीएम के निर्देशों को भी अनसुना कर दिया है।
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नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक्टिविस्ट डीके जोशी और डाॅ. शरद गुप्ता की याचिकाओं पर दो बार यमुना नदी के डूब क्षेत्र में निर्माण रोकने के आदेश दिए हैं। डाॅ. शरद गुप्ता की याचिका में दो माह पहले ही डीएम से जवाब-तलब किया गया है। सभा ने अब डूब क्षेत्र में सड़क बनाकर एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन किया है। वहीं प्रशासन के लिए भी मुसीबत भी खड़ी कर दी है।
चारागाह डेयरी फार्म की है 153 बीघा जमीन
मौजा खासपुर अहतमाली में सभा ने जिस जगह पर कटीले तारों से बैरिकेडिंग कर गेट लगाया है, वह 153 बीघा जमीन चारागाह डेयरी की प्रकृति की है। खेवट नंबर एक पर स्थायी पशुचर भूमि और चराई की दूसरी जमीन के तहत खसरा संख्या 33, खसरा नंबर 42/2, खसरा नंबर 57 में कुल मिलाकर 153 बीघा जमीन चारागाह डेयरी फाॅर्म की है। इसे राधास्वामी सत्संग सभा ने इस जमीन को नॉन जेड ए श्रेणी में करा लिया, जिस पर कई सवाल भी उठ रहे हैं। शहर के एक्टिविस्ट इस मामले में एनजीटी में याचिका दायर करने जा रहे हैं।
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आज हटानी होगी सड़क
सत्संग सभा ने साधी चुप्पी
राधास्वामी सत्संग सभा ने सड़क निर्माण के मामले में एनजीटी के आदेश और शहर में प्रतिक्रिया के बाद चुप्पी साध ली है। राधास्वामी सत्संग सभा के प्रवक्ता और मीडिया प्रभारी एसके नैयर से सभा के कार्यालय और मोबाइल नंबर पर संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने सड़क निर्माण पर कोई बात नहीं की।
रात में सत्संग, दिन में सुरक्षा गार्ड
एडीए की टीम ने किया निरीक्षण
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में आगरा के एक्टिविस्ट डीके जोशी की याचिका पर यमुना नदी के डूब क्षेत्र का निर्धारण किया गया था। दयालबाग के पोइया घाट से लेकर यमुना किनारा रोड हाथीघाट तक नमामि गंगे और एनजीटी के रजिस्ट्रार ने चिह्नांकन कर पिलर लगवाए थे। राधास्वामी सत्संग सभा ने जिस जगह सड़क निर्माण किया, वहां आगरा विकास प्राधिकरण की टीम ने जाकर स्थिति का जायजा लिया है और अपनी रिपोर्ट तैयार की है। जोशी की याचिका में एडीए भी डूब क्षेत्र में निर्माण के लिए पार्टी बनाया गया था। सिंचाई विभाग के साथ एडीए की जवाबदेही तय की गई थी।