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आदित्य मित्तल हत्याकांड: चार आरोपियों को दोषी पाते हुए अदालत ने सुनाई आजीवन कारावस की सजा

Wed, 07 Apr 2021 10:19 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
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आदित्य मित्तल अपहरण एवं हत्याकांड के चारों दोषी - फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद के थाना टूंडला क्षेत्र से पौने पांच वर्ष पूर्व उद्यमी अतुल मित्तल के इकलौते बेटे आदित्य मित्तल अपहरण एवं हत्याकांड में अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित आजाद सिंह ने बुधवार को महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। उन्होंने आदित्य मित्तल हत्याकांड में चार आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 

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रोहन सिंघल पर दो लाख चालीस हजार रुपये एवं शेष 2.30-2.30 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। न्यायालय में फैसला सुनाए जाने के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। चारों को पुलिस ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेल भेज दिया।

थाना रसूलपुर के सरक्यूलर रोड शांतिभवन निवासी आदित्य मित्तल का 22 अगस्त 2016 को टूंडला क्षेत्र के आर्चिट ग्रीन (राजा का ताल) के उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह घर से आईटेन ग्रांड कार से व्यायाम (जिम) करने राजा का ताल गया था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की थी। 
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इस दौरान परिजनों के मोबाइल नंबर पर मेसेज आया था। जिसमें बेटे को अपहरण करने और पुलिस को नहीं बताने की चेतावनी दी गई थी। बाद में अपह्रत आदित्य के परिजनों को फोन करके 10 करोड़ की फिरौती की डिमांड की थी। रकम न देने पर 26 अगस्त 2016 को उसकी हत्या कर दी गई थी। 

शिकोहाबाद में उसका शव बरामद किया गया था। उद्यमी अतुल मित्तल के इकलौते बेटे आदित्य मित्तल के अपहरण एवं हत्या के मामले में प्रदीप मित्तल पम्मी की तहरीर पर थाना टूंडला में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की विवेचना करके शहर की पॉश कालोनी गणेशनगर निवासी रोहन सिंघल, पवन सिंघल, सरजीवन नगर निवासी गोपाल उर्फ रामगोपाल एवं पवन कुमार,मोतीलाल की ठार आसफाबाद निवासी मुकेश कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। 

मामला सेशन के सुपुर्द होकर सुनवाई के लिए अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित आजाद सिंह के न्यायालय में पहुंचा। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक अजय कुमार शर्मा ने की। घटना की गंभीरता को न्यायाधीश के समक्ष रखने हुए कहा कि मृतक आदित्य मित्तल अपने पिता का इकलौता बेटा था। 

आरोपियों को सख्त सजा दिलाने को हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट की कई दलीलों को रखा। न्यायाधीश ने अधिवक्ताओं की दलीलों, गवाहों के बयान के आधार पर घटना में रोहन सिंघल, गोपाल उर्फ रामगोपाल, पवन कुमार, मुकेश कुमार को 364 क एवं 120 ख में दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 

रोहन सिंघल पर दो लाख 40 हजार तथा पवन,रामगोपाल एवं मुकेश पर दो लाख तीस हजार,दो लाख तीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड को अदा नहीं करने पर चारों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

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सजा सुनाए जाने के दौरान अधिवक्ता रहे मौजूद

आदित्य मित्तल अपहरण एवं हत्या के मामले में दोषियों को सजा सुनाने के दौरान न्यायालय कक्ष के बाहर परिवार की महिलाएं मौजूद थीं। सजा सुनकर परिवार की महिलाएं बिलखने लगीं। आखिर यह नजारा देखकर दोषियों की आंखें भर आई। परिवार की महिलाएं जेल ले जाने के दौरान उनके पीछे-पीछे काफी दूर तक गईं, लेकिन आखिर में लौट गईं।

कोरोना नियमों का किया गया पालन
आदित्य मित्तल अपहरण एवं हत्या के मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान न्यायाधीश ही नहीं बल्कि स्टाफ एवं अधिवक्ता भी मास्क पहने दिखाई दिए। इतना ही नहीं कक्ष में भीड़ एकत्रित नहीं हो इसके कारण सभी को फोर्स ने बाहर ही रोक दिया था। अंदर आरोपी एवं पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता सहित कुछ अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

सुरक्षा के लिहाज से तैनात रहा फोर्स
अपर जिला जज षष्टम एवं विशेष जज दस्यु प्रभावित आजाद सिंह द्वारा चर्चित मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान न्यायालय कक्ष के बाहर पुलिस फोर्स मुस्तैद दिखाई दिया। एसएचओ मटसेना विनय कुमार मिश्र एवं न्यायालय सुरक्षा प्रभारी इस दौरान मौजूद रहे। इसके साथ दोषियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ले जाया गया।
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