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ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवा की बदहाली पर भड़के अपर मुख्य सचिव, अफसरों को लगाई फटकार

Thu, 13 Dec 2018 08:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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जिले के अफसरों की बैठक लेते अपर मुख्य सचिव - फोटो : अमर उजाला
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आगरा में यूपी सरकार के अपर मुख्य सचिव एवं जिले नोडल अधिकारी महेश कुमार गुप्ता ने सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल लोगों की उम्मीद पर खरे नहीं उतर रहे हैं। जिलाधिकारी ऐसे अस्पतालों का निरीक्षण करें। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लंबित शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध नहीं कर पाने पर फटकार लगाई। कहा कि लंबित मामलों का निस्तारण जल्द किया जाए।

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विकास भवन सभागार में गुरुवार को विकास कार्यक्रम, कर एवं करेत्तर व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव गुप्ता के तेवर तीखे रहे। वह स्वास्थ्य विभाग की खराब स्थिति पर बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि सामुदायिक केंद्र अछनेरा के निरीक्षण में यूजर चार्जेज, प्रशासनिक कार्य में शिथिलता पाई गई। सफाई भी नहीं थीं। 

उन्होंने कहा कि विगत तीन माह से सीएमओ को जो भी निर्देश दिए गए हैं, इउनका अनुपालन नहीं हो रहा है। सीएचसी व पीएचसी पर मरीजों को उपचार नहीं मिल पा रहा है। शासन द्वारा दिए गए बजट के उपयोग में भी लापरवाही बरती जा रही है। 

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'डीएम-एसएसपी करें औचक निरीक्षण'

अपर मुख्य सचिव ने डीएम व एसएसपी को निर्देशित किया कि वो औचक निरीक्षण करें और देखें कि एसडीएम और खंड विकास अधिकारी अपने मुख्यालयों पर ही निवास करें। उन्होंने कहा कि तहसील व थाना दिवस के साथ ही आईजीआरएस के तहत शिकायतों का निस्तारण समय से किया जाए। इन शिकायतों के निस्तारण की क्रास चेकिंग भी की जाए। 

विभिन्न समाधान दिवसों में आवास विकास परिषद और आगरा विकास प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों का समय से निस्तारण नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। एडीए व आवास विकास के अफसरों को चेतावनी दी। कहा कि जो विभाग शिकायतों का निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं, उनकी सूची मुहैया कराई जाए। 

उन्होंने सभी अधिकारियों से शासन द्वारा आवंटित बजट का समय से उपयोग करने को कहा। अपर मुख्य सचिव ने कर व करेत्तर की समीक्षा के दौरान अधिशासी अभियंता विद्युत को निर्देशित किया कि वे एक अप्रैल 2018 से अब तक 40 प्रतिशत से अधिक लाइनलॉस वाले फीडरों की माहवार सूची तैयार करके उन पर कार्यवाही करें। अन्य विभागों की वसूली की समीक्षा भी की। 

इस मौके पर डीएम एनजी रवि कुमार, एसएसपी अमित पाठक, सीडीओ रविंद्र कुमार मांदड़, नगरायुक्त अरुण प्रकाश, एडीएम प्रशासन निधि श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार मालपाणी, परियोजना निदेशक एके वाजपेयी, डीडीओ देवेंद्र प्रताप आदि मौजूद रहे। 
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इन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराने का आदेश

अपर मुख्य सचिव ने मलपुरा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के सात साल में जर्जर होने पर तत्कालीन अधिशासी अभियंता के विरुद्ध मुकदमा दर्र्ज कराने के निर्देश डीआईओएस को दिए। अछनेरा सीएचसी की ओपीडी में एक अप्रैल से अभी तक जितने मरीजों का इलाज किया गया, उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। 

उन्होंने कहा कि जिन विकास खंडों में आवंटित धन व्यय नहीं किया जा रहा है, उनके एडीओ पंचायतों का वेतन रोका जाए। जिन विकास खंडों में 25 फीसदी से कम धनराशि खर्च हुई, उनकी सूची भी बनाएं। जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों का भुगतान लंबित होने पर नाराजगी जताई। जिला अस्पताल में चल रहे लिफ्ट समेत अन्य कार्यों को 31 दिसंबर तक पूर्ण करने के निर्देश यूपीआएनएन के अभियंता को दिए।

बैठक में एसएसपी अमित पाठक ने अवगत कराया कि एमजी रोड और शहर के चौराहों पर अतिक्रमण मुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि मोडीफाइड वाहन व मोटर चालित रिक्शों के चलने से जाम लगता है। 

इस पर सचिव ने वाणिज्य विभाग को निर्देशित किया कि प्रतिबंधित रिक्शा व अन्य वाहनों के निर्माण करने वाले स्थलों पर छापे मारे। साथ ही असलहों का नवीनीकरण नहीं कराने पर कार्रवाई करने, जिला बदर अपराधियों की निगरानी कराने को कहा।
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