ताजनगरी को ऐसा अनचाहा ‘खिताब’ मिला है, जिसे लेना पसंद नहीं किया जा सकता। शहर के लोग यातायात नियम तोड़ने में प्रदेश में ‘नंबर वन’ हैं। बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चलाना ही नहीं, बल्कि तेज गति से वाहन चलाकर नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। पुलिस के ताजा आंकड़े यह बता रहे हैं।
आगरा में जनवरी से नवंबर तक पांच लाख से ज्यादा चालान काटे गए। 2.64 करोड़ रुपये का शमन शुल्क भी वसूला गया। चालान काटने में आगरा पहले स्थान पर रहा, जबकि गौतमबुद्ध नगर दूसरे और लखनऊ तीसरे स्थान पर रहा। वहीं गाजियाबाद चौथे और मेरठ जिले का पांचवां स्थान रहा।
आगरा में एसएसपी अमित पाठक ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने के लिए कई अभियान चलाए। पहले कदम में कलक्ट्रेट में बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चालकों का प्रवेश रोक दिया गया।
एसएसपी की मुहिम की हुई सराहना
चेकिंग के लिए ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। इसके बाद सभी सरकारी दफ्तरों में इस नियम को लागू कराया गया। एसएसपी की इस मुहिम को शासन स्तर पर सराहा गया था। नवंबर में भी पुलिस ने चेकिंग अभियान तेज किया था।
यह भी एक वजह रही कि चालान के इतने मामले सामने आए। आगरा कार्रवाई में पहले नंबर पर आ गया। इस साल अब तक आगरा में 5,03,039 चालान काटे गए। वाहन चालकों से 2,64,88,400 शमन शुल्क वसूला गया। चालान का आंकड़ा साल 2017 के मुकाबले पांच गुना अधिक है। पिछले साल 97,243 चालान काटे गए थे। वहीं शमन शुल्क 2,32,21,550 रुपये वसूल किया गया था।
एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करना चाहिए। यह नियम ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। पुलिस लोगों को जागरूक करने के साथ ही कार्रवाई भी कर रही है।
फोटो चालान की अधिकता
पुलिस सबसे ज्यादा फोटो चालान काटे हैं। यातायात पुलिसकर्मियों को कैमरे दिए गए थे। जो चौराहों पर ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के कैमरे से फोटो खींचते हैं। इसके बाद चालान डाक से घर पहुंचाया जाता है।